नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । अरुणोदय सिंह ने अपने परिवार की राजनीतिक विरासत से अलग राह चुनी और फिल्मी दुनिया में खुद को साबित किया। हम बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के पोते और कांग्रेस से पांच बार विधायक रह चुके अजय सिंह के बेटे की। जी हां, इतने बड़े राजनीतिक घराने के होने के बावजूद अरुणोदय ने राजनीति के बजाय एक्टिंग में करियर बनाने का निर्णय लिया।
दरअसल, बॉलीवुड में उन्होंने कभी भी बड़े कमर्शियल प्रोजेक्ट्स का सहारा नहीं लिया। इसके बजाय उन्होंने ऑफबीट और चुनौतीपूर्ण किरदारों से अपनी पहचान बनाई। उनके अभिनय ने उन्हें टॉप स्टार्स की कतार में ला खड़ा किया। परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि के बावजूद अरुणोदय ने कभी अपने रिश्तों का फायदा नहीं उठाया। उन्होंने अपनी मेहनत और टैलेंट से फिल्मों और अब OTT प्लेटफॉर्म्स में खुद की जगह बनाई। आज 17 फरवरी को उनका जन्मदिन भी है, आइए जानते हैं इस मौके पर उनके कैरियर के बारे में।
मध्य प्रदेश के छोटे गांव से बॉलीवुड तक
अरुणोदय सिंह का जन्म 17 फरवरी 1983 को मध्य प्रदेश के छोटे से गांव मंदोरा में हुआ। उनके परिवार की राजनीतिक पहचान बड़ी थी, लेकिन उनके बचपन में गांव में सुविधाओं की भारी कमी थी। आसपास बुनियादी सुख-सुविधाएं भी मुश्किल से मिल पाती थीं। पढ़ाई के लिए उनके परिवार ने उन्हें बोर्डिंग स्कूल भेजा, जहां उन्होंने अपने हुनर और अनुशासन की नींव रखी। इसके बाद शिक्षा की तलाश में अरुणोदय ने विदेश की ओर रुख किया और बोस्टन पहुंचे, जहाँ उन्होंने नए अनुभव और अवसरों के साथ अपने करियर की नींव मजबूत की।
9 साल की उम्र में शुरू हुआ अभिनय का सफर
अरुणोदय सिंह ने अपने अभिनय की दुनिया में पहला कदम केवल 9 साल की उम्र में रखा, जब उन्होंने एक थिएटर नाटक में हिस्सा लिया। यही वह क्षण था जिसने उनके अंदर एक्टिंग का जुनून जगा दिया। उस समय उन्होंने यह ठान लिया कि वे राजनीति की राह नहीं अपनाएंगे, बल्कि अभिनय में अपना करियर बनाएंगे। कई सालों तक उन्होंने ऑडिशन दिए और मेहनत की। इसी संघर्ष के बाद 2009 में पीयूष झा की फिल्म ‘सिकंदर’ से उन्होंने बॉलीवुड में अपने एक्टिंग डेब्यू की शुरुआत की।
बॉलीवुड में संघर्ष, OTT ने दिलाई असली पहचान
अरुणोदय सिंह को फिल्मों में काम मिलने लगा, लेकिन उन्हें कोई बड़ी पहचान नहीं मिली। 2011 में सुधीर मिश्रा की फिल्म ‘ये साली जिंदगी’ ने उनके करियर में एक महत्वपूर्ण मोड़ लाया। इस फिल्म में उनके अभिनय को इतना सराहा गया कि उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के लिए नॉमिनेशन भी मिला। इसके बाद उन्होंने कुछ और फिल्मों में काम किया, लेकिन सफलता उनकी उम्मीदों के मुताबिक नहीं मिली। बॉलीवुड की दुनिया में अपनी जगह पक्की करने के बजाय, अरुणोदय ने OTT प्लेटफॉर्म्स की ओर रुख किया, जहां उन्हें उनकी प्रतिभा के अनुसार असली पहचान मिली।
OTT पर चमके अरुणोदय सिंह
OTT प्लेटफॉर्म्स पर कदम रखते ही अरुणोदय सिंह के करियर ने नई ऊँचाई छूनी। वेब सीरीज ‘अपहरण: सबका कटेगा’ में उनके निभाए किरदार रुद्र श्रीवास्तव और बिक्रम बहादुर शाह को दर्शकों ने बेहद पसंद किया। इस सफलता के बाद उन्हें OTT की दुनिया में लगातार नए प्रोजेक्ट्स मिलने लगे। उनकी अन्य प्रमुख वेब सीरीज में ‘ये काली काली आंखें’, ‘Lahore Confidential’ और ‘द चार्जशीट’ शामिल हैं, जिन्होंने उन्हें इस डिजिटल युग का प्रमुख चेहरा बना दिया।





