नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । मथुरा की प्रसिद्ध बृज होली को लेकर एक नई बहस खड़ी हो गई है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर मामले के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मुस्लिम समुदाय को बृज की होली से दूर रखने की मांग की है। उनकी इस मांग का साधु-संतों ने भी समर्थन किया है।
फलाहारी महाराज ने पत्र में आशंका जताई है कि मुस्लिम लोग त्योहार के दौरान अव्यवस्था फैला सकते हैं। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों को होली के त्यौहार से दूर रखा जाए, क्योंकि उन्हें होली के रंग और हिन्दुओं से नफरत हैं। इसके साथ ही महाराज का कहना है कि मुस्लिमों को मंदिरों के आसपास भी दुकान लगाने की अनुमति नहीं दी जाए। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फलाहारी महाराज की अपील
फलाहारी महाराज ने पत्र में यह भी कहा कि मुस्लिम लोग दुकानों में होली के रंग बेचते हुए त्योहार को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम समुदाय के लोग होली के रंगों में कांच या अशुद्ध सामग्री मिला सकते हैं, थूक सकते हैं और इसके जरिए लव जिहाद जैसी घटनाओं को बढ़ावा दे सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए जो नाम या पहचान छिपाकर होली के रंग बेचते हैं और त्योहार में दखल देने का प्रयास करते हैं।
उन्होंने कहा कि “जब हम इनके त्योहारों में नहीं जाते, न ही हम इनके मक्का मदीना में जाते हैं। यहां तक कि हम इनके मदरसे और मस्जिदों में भी नहीं जाते हैं, तो ये हमारे त्योहारों में घुसपैठ क्यों करते हैं।” अब यह बयान सामाजिक और राजनीतिक हलकों में विवाद का विषय बन गया है।
महाराज ने सीएम योगी को लिखा पत्र
महाराज ने योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मांग की है कि मुस्लिम समुदाय को मथुरा और वृंदावन की पवित्र होली से दूर रखा जाए। उनके अनुसार, दूसरे धर्म के लोग त्योहार के रंगों में भंग डालने का प्रयास कर सकते हैं और इसलिए प्रशासन से इस अनुरोध को स्वीकार करने की अपील की गई है।
गौरतलब है कि फलाहारी महाराज वही साधु हैं जिन्होंने संकल्प लिया था कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर से मस्जिद हटने तक वे भोजन नहीं करेंगे और उनका अनशन अभी भी जारी है। मथुरा के वृंदावन और बरसाना की होली विश्व प्रसिद्ध है, जिसमें हर साल लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं और रंगों का उत्सव मनाते हैं।





