नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली बिहार सरकार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत राज्य की लगभग 25 लाख महिलाओं के बैंक खातों में 10‑10 हजार रुपये की धनराशि सीधे भेज दी है, जिससे आर्थिक सशक्तिकरण और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। इस बड़े कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद मौजूद रहे और उन्होंने लाभार्थी महिलाओं के खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से राशि ट्रांसफर की पुष्टि की।
इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना
इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें स्वरोजगार से जुड़ने का अवसर देना है। सरकार का कहना है कि यह योजना खास तौर पर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को रोजगार के नए द्वार खोलने के लिए तैयार की गई है, ताकि वे अपने परिवार की आय बढ़ा सकें और सामाजिक रूप से मजबूत बन सकें।
पात्र महिला को सहायता से वंचित न रहना पड़े
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि जिन महिलाओं के खातों में पूर्व में तकनीकी कारणों से राशि नहीं पहुंच पाई थी या जिन्होंने देर से फॉर्म जमा किए थे, उनके खाते में भी अब यह राशि भेज दी गई है। 25 लाख महिलाओं को लाभ पहुँचाकर सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी पात्र महिला को सहायता से वंचित न रहना पड़े।
रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई है
यह राशि सरकार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत दी जा रही है, जिसे पहले भी कई चरणों में लागू किया गया है। इस योजना के तहत अब तक करोड़ों महिलाओं के बैंक खातों में 10‑10 हजार रुपये की सहायता राशि भेजी जा चुकी है, जिससे परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई है।
कृषि‑आधारित कार्य या सेवा क्षेत्र में कदम रख सकती हैं
सरकार ने यह भी बताया है कि चयनित महिलाओं को स्वरोजगार या व्यवसाय शुरू करने के लिए अतिरिक्त सहायता राशि भी भविष्य में प्रदान की जा सकती है, अगर वे पहले दी गई राशि का उपयोग सफलतापूर्वक कर पाती हैं। इस प्रकार की वित्तीय सहायता से महिलाएं छोटे व्यवसाय, खुद का स्टार्ट‑अप, कृषि‑आधारित कार्य या सेवा क्षेत्र में कदम रख सकती हैं।


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