back to top
17.1 C
New Delhi
Friday, March 20, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

छत्तीसगढ़ के एक अधिकारी को 1 हजार रुपये रिश्वत लेने के मामले में 25 साल बाद मिला इंसाफ

जिस अधिकारी पर आरोप लगे थे वो अब असिस्टेंट इंजीनियर हो गए हैं। गलत तरीके से मामले में उन्हें फंसाया गया था।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 25 सालों के बाद एक अधिकारी को रिश्वत लेने के मामले में गलत तरीके से फंसाने के आरोप में मुक्त कर दिया है।

अब असिस्टेंट इंजीनियर हो गए हैं आर पी कश्यप

हाई कोर्ट में अपील करने वाले आर पी कश्यप अब असिस्टेंट इंजीनियर हो गए हैं। इनके खिलाफ प्रेम मिश्रा ने आरोप लगाया था कि इन्होंने तीसरी इंस्टालमेंट के बदले में 1000 रुपये की रिश्वत मांगी थी।

ऐसा कहा गया है कि कश्यप के घर पर मिश्रा ने रिश्वत दी और जिसकी रेड में वो पकड़े गए थे। पुलिस ने रिश्वत के मूल्य को जब्त करते हुए उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था।

अंबिकापुर कोर्ट ने उन्हें 3000 रुपये का जुर्माना देने का आदेश दिया

इसके बाद अंबिकापुर के ट्रायल कोर्ट ने दंडस्वरूप उन्हें तीन साल की सजा और 3000 रुपये का जुर्माना देने का आदेश दिया था। इसके बात कश्यप के वकीलों ने हाई कोर्ट में कहा कि उनके मुअक्किल को गलत मामले में दंडित किया है।

ट्रायल कोर्ट ने गलत फैसला दिया था

कश्यप के वकीलों ने हाई कोर्ट में कहा कि ट्रायल कोर्ट ने उनके क्लाइंट को गलत मामले में सजा सुनाई थी और उनके खिलाफ कोई सबूत भी नहीं थे। कश्यप ने रिश्वत नहीं ली थी।

रिपोर्ट के अनुसार शिकायतकर्ता ने 800 रुपये दिए थे और उसके निवेदन पर 1,500 ईंटें और 5 बैग सिमेंट मिश्रा के घर पर भेजे थे। इनका मूल्य 1,975 रुपये था इनमें से 800 रुपये पहले ही ले लिए गए थे। इसके बाद 1,175 बची हुई राशि में से 700 रुपये देते हुए उन्हें पकड़ा गया था।

अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in

Advertisementspot_img

Also Read:

spot_img

Latest Stories

Shukrwar Mantra: इन मंत्रों के जाप से प्रसन्न हो जाती हैं माता लक्ष्मी, जीवन भर नहीं होती धन की कमी

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी...