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बिना वारिस के ब्रह्मलीन महंतों की जमीन व सुविधा निरस्त करे प्रशासन – स्वामी महेशाश्रम

प्रयागराज, 24 फरवरी (हि.स.)। अखिल भारतीय दंडी सन्यासी परिषद् के संरक्षक जगद्गुरु स्वामी महेशाश्रम महाराज ने उन ब्रह्मलीन महंतों की जमीन व सुविधा खत्म कराने की मांग उठाई है, जिनके कोई वारिस नहीं हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि दण्डी समाज के कुछ लोग ऐसे ब्रह्मलीन संतों की पीठ पर फर्जी लोगों को महंत बनाकर उनकी माघ मेला की जमीन और सुविधा पर कब्जा कर रहे हैं। बुधवार को बयान जारी करके परिषद् के संरक्षक स्वामी महेशाश्रम महाराज ने कहा कि दंडी स्वामीनगर के ब्रह्मलीन महंतों, पीठाधीश्वरों की जमीन व सुविधा पर कुछ लोग कब्जा करना चाहते हैं। इसके लिए फर्जी तरीके से महंत और पीठाधीश्वर बनाकर चादरपोशी कर रहे हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह से फर्जी है और उसको मान्यता नहीं दी जायेगी। उन्होंने कहा कि दंडी स्वामी समाज उसे मान्यता नहीं देता है। उन्होंने कहा कि जिन ब्रह्मलीन महंतों का कोई वारिस नहीं है, उनकी जमीन व सुविधा को प्रशासन जब्त कर ले। फिर उसे नियमानुसार वितरित करे। उन्होंने कहा कि परिषद् जल्द ही प्रशासन को इसका प्रस्ताव देगा। जिससे अधिकारी को गुमराह करने की साजिश सफल न हो। उन्होंने कहा कि माघ मेला क्षेत्र में हर कार्य नियम व परंपरा के अनुसार होगा। इसमें किसी की मनमानी स्वीकार नहीं की जाएगी। हिन्दुस्थान समाचार/विद्या कान्त

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