नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा में गुरुवार, 5 फरवरी 2026 को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि “आप लोगों ने लोकतंत्र को डरतंत्र बना दिया है” और इस सरकार की नींद बेटियों की चीखों से भी नहीं टूटती। तेजस्वी ने आगे कहा कि बिहार की वर्तमान हालत देखकर अपराधियों को पूरा भरोसा हो गया है कि यह सरकार उनके खिलाफ कुछ नहीं कर सकती। उनका तर्क था कि बिहार के अपराधियों में डर नहीं है और सरकार में शर्म भी नहीं है, जिससे राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठते हैं।
तेजस्वी ने विधानसभा में गंभीर अपराधों की कहानी गिनाई
तेजस्वी यादव ने सदन में स्पीकर से कहा कि उनके पैर का नाखून पूरा उखड़ गया है, इसलिए वे अपनी बात बैठकर कहना चाहते हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें बैठने की अनुमति दे दी। इसके बाद तेजस्वी ने पटना के नीट कांड का जिक्र करते हुए बिहार में बढ़ती अपराध दर पर चिंता जताई। उन्होंने मधेपुरा में महिला के साथ दुष्कर्म और हत्या, खगड़िया में चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या, मुजफ्फरपुर में महिला और तीन बच्चों का अपहरण और हत्या जैसी घटनाओं का हवाला देते हुए राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए। इसके साथ ही उन्होंने और भी मामलों को गिनवाकर मौजूदा सरकार की जिम्मेदारी पर प्रकाश डाला।
तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार को कोल्ड स्टोरेज बताया
तेजस्वी यादव ने विधानसभा में कहा कि थाना खामोश है, प्रशासन बेहोश है और सरकार पूरी तरह मदहोश है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि जनता में इस सरकार के लिए अफसोस और आक्रोश है। उनका कहना था कि बिहार सरकार अब कोल्ड स्टोरेज बन चुकी है, यानी हर मामले को दबाने और ठंडा करने में लगी रहती है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और न्याय दोनों की हालत चिंताजनक हो गई है।
तेजस्वी यादव ने बिहार के हालात पर सवाल उठाए
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार जब इतना विकास कर रहा है, तो एक बात बताइए-बिहार आखिर किस चीज में नंबर वन है? उन्होंने बताया कि राज्यों के मुकाबले बिहार सबसे ज्यादा गरीब है, बेरोजगारी में शीर्ष पर है, शिक्षा और स्वास्थ्य के मामले में फिसड्डी है, भ्रष्टाचार में अव्वल है और अपराधियों का बोलबाला है। इसके अलावा, प्रति व्यक्ति आय सबसे कम है और किसान ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन गरीबों के वोट लिए गए, उनके घरों को उजाड़ा जा रहा है, जिससे राज्य की सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।





