नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र के बारामती में 28 जनवरी को उप मुख्यमंत्री अजित पवार के दुखद निधन के बाद पूरा शहर शोक में डूबा नजर आया। उनके अंतिम संस्कार के लिए विद्या प्रतिष्ठान के मैदान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘अजित दादा’ को अंतिम विदाई देने के लिए महाराष्ट्र के कोने-कोने से लाखों लोग बारामती पहुंचे थे। सड़कों पर लोगों का सैलाब उमड़ा हुआ था और हर ओर गमगीन माहौल था।
भारी भीड़ में चोरों ने दिया वारदात को अंजाम
इसी भावुक और संवेदनशील मौके का फायदा उठाकर चोरों के एक गिरोह ने बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया। जानकारी के मुताबिक, अंतिम संस्कार के दौरान करीब 15 लोगों के गले से सोने की चेन चोरी कर ली गई। चोरी किए गए गहनों की कुल कीमत लगभग 25 से 30 लाख रुपये बताई जा रही है। लोगों को घटना का पता तब चला, जब कार्यक्रम के बाद उन्होंने अपने गले से चेन गायब पाई।
8000 पुलिसकर्मियों की तैनाती, फिर भी सवाल
खास बात यह रही कि सुरक्षा के लिहाज से उस दिन बारामती में करीब 8 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल मौजूद था, इसके बावजूद चोर इतनी आसानी से वारदात को अंजाम देने में कामयाब हो गए। इस घटना के बाद आम नागरिकों में पुलिस व्यवस्था को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है और सवाल उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी तैनाती के बावजूद चोर कैसे बच निकले।
कुछ आरोपी रंगे हाथों पकड़े गए
घटना के दौरान सतर्क नागरिकों ने कुछ संदिग्ध चोरों को रंगे हाथों पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं, कुछ आरोपी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए। पीड़ितों की शिकायत पर बारामती तालुका पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मोहम्मद यूनुस, राजकुमार आठवले, एजाज मिरावले, मोहम्मद सिराज, बालू बोत्रे समेत दो अन्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
पुलिस जांच तेज, आरोपियों से पूछताछ जारी
फिलहाल सभी पकड़े गए आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह किसी संगठित गिरोह की साजिश थी और क्या इससे पहले भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया गया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
लोगों में गुस्सा, सुरक्षा पर उठे सवाल
एक ओर जहां अजित पवार के अंतिम संस्कार के दौरान लोग भावुक होकर श्रद्धांजलि दे रहे थे, वहीं दूसरी ओर चोरों की इस हरकत ने माहौल को और पीड़ादायक बना दिया। इस घटना से बारामती शहर में भारी नाराजगी है और लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।





