back to top
22.1 C
New Delhi
Tuesday, March 31, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Sankashti Chaturthi 2026: फरवरी में कब पड़ेगी संकष्टी चतुर्थी? जानें सही तिथि और पूजा का शुभ समय

5 फरवरी 2026 को पड़ रही द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश की कृपा पाने का अत्यंत शुभ अवसर मानी जा रही है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। सनातन धर्म में संकष्टी चतुर्थी व्रत को अत्यंत फलदायी माना गया है। यह व्रत हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है और भगवान गणेश को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से गणपति जी की पूजा करने से जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। फाल्गुन माह के आगमन के साथ फरवरी में पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहता है।

फाल्गुन की संकष्टी को कहा जाता है द्विजप्रिय चतुर्थी

फाल्गुन माह में आने वाली संकष्टी चतुर्थी को द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 5 फरवरी 2026 को रात 12 बजकर 9 मिनट पर प्रारंभ होगी और 6 फरवरी को रात 12 बजकर 22 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी व्रत 5 फरवरी 2026, गुरुवार को रखा जाएगा।

द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 2026 का शुभ मुहूर्त

व्रत के दिन पूजा के लिए कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे। सुबह 5 बजकर 22 मिनट से 6 बजकर 15 मिनट तक ब्रह्म मुहूर्त रहेगा। इसके अलावा शुभ-उत्तम मुहूर्त सुबह 7 बजकर 7 मिनट से 8 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। यदि इन समयों में पूजा संभव न हो तो अभिजीत मुहूर्त में भी पूजा की जा सकती है। 5 फरवरी को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट तक रहेगा।

संकष्टी चतुर्थी व्रत की विधि-विधान

संकष्टी चतुर्थी के दिन प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर के मंदिर की सफाई कर हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें। चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर भगवान गणेश की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। इसके बाद गणपति को सिंदूर, चंदन, अक्षत, फल, फूल और दूर्वा अर्पित करें। घी का दीपक जलाएं और मोदक का भोग लगाएं। संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा का पाठ करें और गणेश जी की आरती करें। दिनभर फलाहार करें और रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण करें।

व्रत से मिलती है सुख-समृद्धि



धार्मिक मान्यताओं के अनुसार संकष्टी चतुर्थी व्रत रखने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह व्रत कार्यों में सफलता, मानसिक शांति और पारिवारिक सुख प्रदान करता है।

Advertisementspot_img

Also Read:

spot_img

Latest Stories

⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵