नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । महाराष्ट्र की कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत न मिलने के बाद राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। मौजूदा हालात में ऐसा संकेत मिल रहा है कि नगर निगम की सत्ता का संतुलन पूरी तरह पलट सकता है और एक नया गठबंधन उभर सकता है। सूत्रों के अनुसार, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के बीच मेयर पद को लेकर सहमति बन सकती है। यदि यह समीकरण आकार लेता है तो नगर निगम में भाजपा और उद्धव ठाकरे गुट को विपक्ष की भूमिका में जाना पड़ सकता है।
बताया जा रहा है कि पिछले एक दिन से MNS और शिंदे गुट के नेताओं के बीच लगातार बातचीत चल रही है, हालांकि अब तक किसी भी पार्टी ने गठबंधन को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसके बावजूद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तब तेज हो गईं, जब आज बुधवार को MNS के पांच और शिंदे गुट के 53 पार्षद एक ही समय पर कोंकण मंडलायुक्त कार्यालय में ग्रुप रजिस्ट्रेशन के लिए पहुंचे। दोनों दलों के पार्षदों का एक साथ पहुंचना महज संयोग था या सोची-समझी राजनीतिक रणनीति इस पर फिलहाल सस्पेंस बना हुआ है।
मेयर की कुर्सी के लिए कौन कितने मजबूत?
कल्याण-डोंबिवली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में मेयर पद हासिल करने के लिए कुल 62 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। मौजूदा राजनीतिक समीकरणों की बात करें तो एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के पास फिलहाल 53 पार्षद हैं, जबकि भाजपा के खाते में 50 पार्षद आते हैं। राजनीतिक सूत्रों की मानें तो शिंदे गुट उद्धव ठाकरे गुट के दो पार्षदों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा, ठाकरे गुट छोड़कर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) में शामिल हुए पार्षदों के भी सत्ता गठन की स्थिति में MNS के साथ बने रहने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में MNS की ताकत बढ़कर सात पार्षदों तक पहुंच गई है।
इसी कड़ी में जब शिंदे गुट और MNS के पार्षद कोंकण मंडलायुक्त कार्यालय में ग्रुप रजिस्ट्रेशन के लिए पहुंचे, तो वहां दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं के बीच मुलाकात भी हुई। इस दौरान सांसद श्रीकांत शिंदे, विधायक नरेश म्हस्के और MNS नेता राजू पाटिल की मौजूदगी ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी। इन मुलाकातों की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। इस बीच सांसद श्रीकांत शिंदे ने संकेत दिए कि MNS ने शिंदे गुट को समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि जो भी विकास के एजेंडे के साथ आगे आएगा, शिवसेना उसके साथ मिलकर काम करेगी। बयान के बाद यह साफ है कि कल्याण-डोंबिवली की राजनीति आने वाले दिनों में बड़ा मोड़ ले सकती है।





