नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सरधना क्षेत्र में हुए सोनू कश्यप हत्याकांड ने प्रदेश की सियासत और प्रशासन दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। इस मामले में सबसे बड़ा सवाल अब भी यही बना हुआ है कि सोनू कश्यप की मौत आखिर पिटाई से हुई या उसे जिंदा जलाया गया। परिजनों को अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट न मिलने से नाराजगी बढ़ती जा रही है और मामला लगातार गरमाता जा रहा है। हालात को देखते हुए भाजपा सरकार ने स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप को इस पूरे प्रकरण की जिम्मेदारी सौंपी है।
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने की पुलिस अधिकारियों संग बैठक
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने हाल ही में मृतक सोनू कश्यप के परिजनों से मुलाकात कर उनका दर्द सुना था। इसके बाद शुक्रवार को उन्होंने मेरठ में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। बैठक में मंत्री ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और पीड़ित परिवार का पक्ष पुलिस अधिकारियों के सामने मजबूती से रखा। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सच्चाई सामने लाने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाए।
पुलिस की शुरुआती जांच, परिजनों का अलग दावा
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी एक नाबालिग थ्री-व्हीलर टेंपो चालक है, जिसने पहले सोनू कश्यप की बेरहमी से पिटाई की, फिर हत्या कर शव पर मोबिल ऑयल डालकर आग लगा दी। वहीं, मृतक के परिजन इस दावे को पूरी तरह खारिज कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि सोनू कश्यप को जिंदा जलाया गया और इस जघन्य वारदात में नाबालिग आरोपी के अलावा अन्य लोग भी शामिल थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट न मिलने पर बढ़ा आक्रोश
परिजनों का सबसे बड़ा आरोप यह है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद उन्हें अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं सौंपी गई। उनका कहना है कि पीएम रिपोर्ट सामने आए बिना सोनू कश्यप की मौत के असली कारणों का खुलासा संभव नहीं है। इसी वजह से पूरे मामले पर संदेह गहराता जा रहा है और परिजन लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
मंत्री का आश्वासन: दोषी कोई भी हो, नहीं बचेगा
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों को स्पष्ट किया जाएगा। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
विपक्ष का सरकार पर हमला, बढ़ा सियासी घमासान
इस बीच विपक्षी दलों ने प्रदेश सरकार पर मामले में लीपापोती करने का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार से मिलने को लेकर स्थानीय पुलिस-प्रशासन और विपक्षी नेताओं के बीच नोंकझोंक भी देखने को मिली। फिलहाल, सोनू कश्यप हत्याकांड ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है और सबकी निगाहें अब पीएम रिपोर्ट और आगे की जांच पर टिकी हुई हैं।





