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Saturday, April 11, 2026
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Blinkit डिलीवरी बॉय बनकर सड़कों पर उतरे राघव चड्ढा, स्कूटी चलाकर दिया सोशल मैसेज

आप सांसद राघव चड्ढा ने ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय की यूनिफॉर्म पहनकर खुद स्कूटी से सामान डिलीवर किया और गिग वर्कर्स की मेहनत व चुनौतियों को उजागर किया।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा इन दिनों सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा में हैं। वजह है उनका एक अनोखा वीडियो, जिसमें वह Blinkit के डिलीवरी बॉय की यूनिफॉर्म पहनकर स्कूटी से सामान डिलीवर करते नजर आ रहे हैं। एक सांसद को इस तरह सड़कों पर डिलीवरी करते देख लोग हैरान भी हुए और उत्सुक भी कि आखिर इसके पीछे मकसद क्या है।

गिग वर्कर्स और डिलीवरी पार्टनर्स की जिंदगी


दरअसल, राघव चड्ढा का यह कदम किसी प्रचार या ब्रांड एंडोर्समेंट के लिए नहीं था, बल्कि गिग वर्कर्स और डिलीवरी पार्टनर्स की जिंदगी को करीब से समझने और उनकी समस्याओं पर ध्यान दिलाने की कोशिश थी। वीडियो में वह बिल्कुल एक आम डिलीवरी पार्टनर की तरह यूनिफॉर्म पहने, बैग लगाए और स्कूटी चलाते हुए लोगों तक सामान पहुंचाते दिखे।

क्विक डिलीवरी ऐप्स पर काम करने वाले डिलीवरी पार्टनर


राघव चड्ढा ने इस पहल के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि क्विक डिलीवरी ऐप्स पर काम करने वाले डिलीवरी पार्टनर किस तरह कठिन हालात में अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। तेज धूप, बारिश, ठंड, ट्रैफिक और समय के दबाव के बीच ये लोग 10 मिनट में डिलीवरी का वादा पूरा करने की कोशिश करते हैं। इसके बावजूद उन्हें कम सैलरी, ज्यादा काम का दबाव, सड़क पर हादसों का खतरा और सामाजिक सुरक्षा की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

10 मिनट में डिलीवरी के पीछे जोखिम


स्कूटी चलाकर खुद डिलीवरी करना राघव चड्ढा के लिए एक प्रतीकात्मक कदम था। उन्होंने यह दिखाना चाहा कि मोबाइल ऐप पर दिखने वाला 10 मिनट में डिलीवरी सिर्फ एक सुविधा नहीं है, बल्कि इसके पीछे किसी इंसान की मेहनत, थकान और जोखिम छिपा होता है। उनका कहना था कि डिलीवरी पार्टनर्स सिर्फ किसी ऐप का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि मेहनतकश लोग हैं, जिन्हें सम्मान, बेहतर नियम, बीमा कवर और सुरक्षा मिलनी चाहिए।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़


इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने राघव चड्ढा की तारीफ करते हुए कहा कि नेताओं को जमीनी हकीकत समझने के लिए ऐसे कदम उठाने चाहिए। कुछ लोगों ने इसे गिग इकॉनमी में काम करने वाले लाखों लोगों की आवाज बताया।

वर्कर्स के लिए ठोस नीतियां बनाने पर ध्यान दिया जाए।


हालांकि, कुछ यूजर्स ने सवाल भी उठाए। एक यूजर ने पूछा कि क्या राघव चड्ढा ने बाकायदा डिलीवरी राइडर के रूप में रजिस्ट्रेशन कराया था या सिर्फ किसी डिलीवरी पार्टनर के साथ गए थे। वहीं, कुछ लोगों का कहना था कि ऐसे स्टंट से ज्यादा जरूरी है कि बाजार में नई नौकरियां पैदा करने और वर्कर्स के लिए ठोस नीतियां बनाने पर ध्यान दिया जाए।

कुल मिलाकर, ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय की यूनिफॉर्म पहनकर सड़कों पर उतरना राघव चड्ढा का एक अलग लेकिन असरदार तरीका साबित हुआ। इस पहल ने न सिर्फ सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी, बल्कि गिग वर्कर्स की मेहनत, चुनौतियों और उनके अधिकारों पर एक बार फिर लोगों का ध्यान खींच लिया

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