back to top
26.1 C
New Delhi
Sunday, March 22, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

राजनाथ की तल्खी के बावजूद चीनी रक्षा मंत्री ने की भारत से संबंध सुधारने की वकालत

चीनी रक्षा मंत्री ने कहा कि दोनों पक्षों को एक दूसरे के विकास को एक व्यापक, दीर्घकालिक और सामरिक दृष्टिकोण से देखकर संयुक्त रूप से विश्व और क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए योगदान देना चाहिए।

नई दिल्ली, एजेंसी। गलवान घाटी की हिंसक घटना के बाद पहली बार भारत आये चीन के रक्षा मंत्री ली शांगफू ने भारत से संबंध सुधारने की वकालत की है। हालांकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बैठक से पहले उनसे हाथ न मिलाकर तल्खी दिखाई, लेकिन दोनों मंत्रियों ने भारत-चीन सीमा क्षेत्रों के साथ-साथ द्विपक्षीय संबंधों के विकास के बारे में खुलकर चर्चा की।

रक्षा मंत्री ने नहीं मिलाया था हाथ
दरअसल, किसी भी देश के साथ द्विपक्षीय बैठक से पहले हाथ मिलाते हुए फोटो खिंचवाने की परंपरा है, जिसे हैंड शेकिंग कहा जाता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने चीनी समकक्ष ली के साथ द्विपक्षीय बैठक से पहले हाथ नहीं मिलाया, जबकि उन्होंने द्विपक्षीय बैठक से पहले ताजिक, ईरानी और कज़ाख समकक्षों के साथ हाथ मिलाया। राजनाथ के हैंड शेकिंग न करने को चीन के साथ तीन साल से चल रहे गतिरोध के मद्देनजर तल्खी के रूप में देखा जा रहा है। बैठक में ली ने कहा कि चीन-भारत सीमा आमतौर पर स्थिर है और दोनों पक्षों ने सैन्य और राजनयिक चैनलों के माध्यम से संचार बनाए रखा है।

चीनी रक्षा मंत्री ने की शांति की पहल
चीनी रक्षा मंत्री ने कहा कि दोनों पक्षों को द्विपक्षीय संबंधों और एक दूसरे के विकास को एक व्यापक, दीर्घकालिक और सामरिक दृष्टिकोण से देखकर संयुक्त रूप से विश्व और क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को सीमा मुद्दे को द्विपक्षीय संबंधों में उचित स्थिति में रखना चाहिए और सामान्य प्रबंधन के लिए सीमा की स्थिति के संक्रमण को बढ़ावा देना चाहिए। ली ने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष दोनों सेनाओं के बीच आपसी विश्वास को लगातार बढ़ाने और द्विपक्षीय संबंधों के विकास में उचित योगदान देने के लिए मिलकर काम करेंगे।

संबंधों का विकास सीमाओं पर शांति के प्रसार पर आधारित
द्विपक्षीय बैठक में राजनाथ सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा था कि भारत और चीन के बीच संबंधों का विकास सीमाओं पर शांति के प्रसार पर आधारित है। उन्होंने कहा कि एलएसी पर सभी मुद्दों को मौजूदा द्विपक्षीय समझौतों और प्रतिबद्धताओं के अनुसार हल करने की आवश्यकता है। सिंह ने दोहराया कि मौजूदा समझौतों के उल्लंघन ने द्विपक्षीय संबंधों के पूरे आधार को नष्ट कर दिया है और सीमा पर पीछे हटने का तार्किक रूप से डी-एस्केलेशन के साथ पालन किया जाएगा। बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन और पाकिस्तान को निशाने पर लेते हुए कहा कि भारत अपने प्रमुख पड़ोसी देशों के साथ मतभेदों की तुलना में कहीं अधिक हित साझा करता है।

Advertisementspot_img

Also Read:

पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की अप्रकाशित किताब पर संसद में बवाल, जानिए कौन हैं जनरल मनोज मुकुंद नरवणे?

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। लोकसभा में उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब नेता विपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद...
spot_img

Latest Stories

TT अगर रिश्वत मांगे तो तुरंत ऐसे करें शिकायत, बेहद आसान है तरीका

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। एक जगह से दूसरी जगह जाने...

West Bengal Assembly Election 2026: Diamond Harbour सीट पर BJP के लिए कड़ी चुनौती, TMC का रहा है दबदबा

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में...

अपने घर का सपना होगा पूरा, जानिए Pradhan Mantri Awas Yojana में कैसे करें आवेदन?

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। Pradhan Mantri Awas Yojana (PMAY) भारत...

Virat Kohli vs Rohit Sharma: IPL में बतौर ओपनर किसने सबसे ज्यादा रन जड़े हैं? आंकड़े देखकर हैरान हो जाएंगे

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। क्रिकेट लवर्स के लिए एक बार...

Google में नौकरी पाना है आसान, इस प्रॉसेस को फॉलो करेंगे तो इंटर्नशिप पर बरसेंगे लाखों रुपये

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। Google जैसी बड़ी और वैश्विक कंपनी...

असिस्टेंट प्रोफेसर बनना चाहते हैं लेकिन नहीं पता UGC NET दें या CSIR NET? जानिए दोनों में क्या है अंतर

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। जो छात्र असिस्टेंट प्रोफेसर बनना चाहते...

IPL में अब कभी दिखाई नहीं देंगी ये टीमें, कभी आईपीएल में बोलती थी तूती

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। Indian Premier League (IPL) दुनिया की...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵