नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । तमिलनाडु के करूर में आयोजित तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की रैली में मची भगदड़ को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। घटना में 41 लोगों की दर्दनाक मौत और 60 से अधिक के घायल होने के बाद TVK के जिला सचिव मथियाझागन को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर हत्या, गैर इरादतन हत्या और जन सुरक्षा को खतरे में डालने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एफआईआर में TVK के अन्य शीर्ष नेताओं राज्य महासचिव बुस्सी एन आनंद और राज्य संयुक्त सचिव सीटीआर निर्मल कुमार के नाम भी शामिल हैं। हालांकि, पार्टी प्रमुख और अभिनेता विजय का नाम आरोपियों में नहीं है।
कैसे मची भगदड़ ?
इस दर्दनाक हादसे की पहली गिरफ्तारी जनता के बढ़ते आक्रोश के बीच हुई है। यह भगदड़ उस समय हुई जब अभिनेता विजय की मौजूदगी में आयोजित चुनावी कार्यक्रम में हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। चश्मदीदों के अनुसार, कार्यक्रम स्थल पर पहले से ही भीड़ का भारी दबाव था और तभी अचानक बिजली गुल हो गई। अंधेरे और अव्यवस्था के चलते लोगों में घबराहट फैल गई, जिसके कारण मंच के पास अफरा-तफरी मच गई और हालात बेकाबू हो गए। इस हादसे में जान गंवाने वालों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे।
FIR में क्या-क्या आरोप लगाए गए हैं?
एफआईआर में अभिनेता विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायत के अनुसार, विजय कार्यक्रम स्थल पर लगभग चार घंटे की देरी से पहुंचे, जिससे वहां मौजूद भीड़ में बेचैनी और असंतोष फैल गया। एफआईआर में यह भी कहा गया है कि विजय के पहुंचने के बाद भी वह काफी देर तक अपने प्रचार वाहन से बाहर नहीं निकले, जिससे मंच के पास पहले से जमा भीड़ और बेकाबू हो गई।
एक अन्य अहम आरोप यह है कि विजय ने वेलुसामीपुरम पहुंचने से पहले बिना अनुमति रोड शो किया, जिस दौरान उनकी गाड़ी भीड़ में फंस गई। पुलिस का दावा है कि इस रोड शो की ना कोई पूर्व सूचना थी और ना ही सुरक्षा प्रबंध, जिससे हालात और बिगड़ गए। इसके अलावा, एफआईआर में TVK के पदाधिकारियों पर भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने न तो अपने कार्यकर्ताओं को नियंत्रित किया और न ही पुलिस द्वारा दिए गए भीड़ नियंत्रण संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन किया।





