back to top
32.1 C
New Delhi
Wednesday, March 11, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Women Reservation Bill: जानिए वह तीन वजह, जिस कारण विपक्ष कर रहा महिला बिल का विरोध

नए सदन में मोदी सरकार ने महिला बिल पटल पर रखा इस पहले बिल पर कमोबेश सभी पार्टियां सहमत हैं। सरकार महिला सशक्तीकरण के लिए लाई महिला बिल जिसका नाम नारी शक्ति वंदन अधीनियम दिया गया है।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। नए सदन में मोदी सरकार ने महिला बिल पटल पर रखा इस पहले बिल पर कमोबेश सभी पार्टियां सहमत हैं। सरकार महिला सशक्तीकरण के लिए लाई महिला बिल जिसका नाम नारी शक्ति वंदन अधीनियम दिया गया है। इसके जरिए सरकार महिलाओं को संसद एवं विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की कोशिश कर रही है। अब सवाल है कि विपक्षी दल भी इस विधेयक के समर्थन में हैं लेकिन आखिरी विरोध क्यों कर रहे हैं तो आइए जानते हैं वो तीन वजह जिसके कारण यह बिल चर्चा में है।

विरोध की तीन वजहें –

  1. बिल को तुरंत लागू नहीं किया जाना

  2. चुनावी के पहले लाकर इसका फायदा लेने की कोशिश

  3. ओबीसी को इस बिल में नहीं मिल रहा प्रतिनिधित्व

लोकसभा से बिल पास

सबसे पहले जानते हैं लोकसभा में इसे पेश किया गया तो वहां पर क्या हुआ। लोकसभा में इस महिला बिल पर चर्चा हुई जिसके बाद इस पर वोटिंग हुई। पर्ची से हुई वोटिंग में 454 वोट इसके पक्ष में पड़े वहीं 2 मतद इसके विरोध में डाले गए। ज्ञात हो कि विधेयक को पारित किए जाने के लिए दो-तिहाई बहुमत अनिवार्य होता है। वहीं गुरुवार को राज्यसभा में इस बिल पर चर्चा चल रही है।

तीन प्वांइट में समझें क्यों हो रहा इसका विरोध

भाजपा पर लगा तुरंत लागू नहीं करने का आरोप

महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने दिल्ली में संसद से बाहर निकले वक्त पत्रकारों से वार्ता के दौरान बताया कि इसमें बीजेपी की नीयत साफ नहीं है। अगर नीयत महिला सशक्तिकरण की थी तो इसे तुरंत लागू करना चाहिए था… इससे पहले भी जब 2010 या 1979 में ये बिल आया था तो बीजेपी ने इसका विरोध किया था। आज हम इसे राज्यसभा में आम सहमति से पास कराने की कोशिश कर रहे हैं।

ओबीसी को नजरअंदाज करने का सपा ने लगाया आरोप

यूपी की राजनीति करने वाली समाजवादी पार्टी की नेता और लोकसभा सांसद डिंपल यादव ने भी इस बिल पर अपनी राय रखते हुए कहा कि जब आप यह आरक्षण लेकर आए हैं और जब आपका अस्तित्व और वर्चस्व ओबीसी मतदाताओं पर आधारित है। आप 10 साल सरकार में ओबीसी मतदाताओं के दम पर ही हैं, तो फिर आप ओबीसी महिलाओं को राजनीतिक अधिकार क्यों नहीं देना चाहते।

कांग्रेस ने बताया चुनावी बिल

कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इसका राज्यसभा में भी समर्थन करेगी। इन्होंने 2014 से अब तक कुछ नहीं किया। अब जब 9.5 साल हो गए हैं (भाजपा सरकार को) तब वे इसे सिर्फ चुनाव के लिए लेकर आ रहे हैं। इसमें ऐसी शर्तें लगाई हैं जिससे यह अगले 10 साल तक लागू नहीं हो पाएगा।

Advertisementspot_img

Also Read:

आंख और मुंह कितने सेंटीमीटर खुले? BJP पर जमकर गरजे अखिलेश यादव, कहा- सम्मान नहीं तो अपमान भी न करें

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के प्रस्तावित कार्यक्रम को प्रशासन ने सशर्त अनुमति दे दी...
spot_img

Latest Stories

Chaitra Navratri 2026: घटस्थापना मुहूर्त, पूजा विधि और नौ दिन की त्योहार की पूरी जानकारी

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हिंदू धर्म का सबसे पवित्र और...

भारत में क्या है इच्छा मृत्यु की प्रक्रिया? विदेशों से कितनी अलग है पूरी प्रक्रिया

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बुधवार 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट...

बॉक्स ऑफिस पर The Kerala Story 2 का रहा अच्छा प्रदर्शन, जानिए कलेक्शन रिपोर्ट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। 'द केरल स्टोरी 2: गोज...

कीर्ति आजाद के बेतुके बयान पर भड़के भारतीय क्रिकेट के बड़े दिग्गज, हरभजन ने भी जमकर लताड़ लगाई

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। न्यूजीलैंड को परास्त करके टी20 विश्व...

Gas Supply Crisis: कहीं गैस बुकिंग ठप तो कहीं लंबी लाइनें, कई शहरों में LPG को लेकर बढ़ी परेशानी

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मध्य पूर्व में जारी तनाव...

हरीश राणा को SC ने इच्छा मृत्यु की इजाजत दी, देश में पहली बार हुआ ऐसा फैसला

नई दिल्ली/ रफ्तार डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को...