नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के विरोध में इस्तीफा देकर सुर्खियों में आए पूर्व IAS अधिकारी कन्नन गोपीनाथन अब राजनीति के मैदान में उतर गए हैं। सोमवार को उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया। दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।
सरकार को निर्णय लेने का अधिकार है
गोपीनाथन ने 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार के अनुच्छेद 370 हटाने और जम्मू-कश्मीर में लागू संचार प्रतिबंधों का विरोध करते हुए इस्तीफा दे दिया था। उनका कहना था कि सरकार को निर्णय लेने का अधिकार है, लेकिन नागरिकों को प्रतिक्रिया देने और असहमति जताने का भी अधिकार है। उनके इस रुख ने उन्हें लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के प्रतीक के रूप में पहचान दिलाई।
मैंने कई जिलों का दौरा किया
कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा, मैंने 2019 में नौकरी छोड़ी थी क्योंकि देश गलत दिशा में जा रहा था। बीते वर्षों में मैंने कई जिलों का दौरा किया, लोगों से मिला और महसूस किया कि आज सिर्फ कांग्रेस ही इस देश को सही दिशा में ले जा सकती है।
कन्नन गोपीनाथन AGMUT कैडर के IAS अधिकारी हैं
कन्नन गोपीनाथन 2012 बैच के AGMUT कैडर के IAS अधिकारी हैं। उन्होंने दादरा-नगर हवेली और दमन-दीव में बिजली और शहरी विकास जैसे विभागों में अहम जिम्मेदारियां निभाईं। इस्तीफे के बाद वे नागरिकता संशोधन कानून (CAA) विरोधी प्रदर्शनों में सक्रिय रहे और विभिन्न जन आंदोलनों में हिस्सा लेते रहे। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि गोपीनाथन की एंट्री से कांग्रेस को लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की अपनी छवि को और मजबूती मिलेगी। साथ ही, उनके आने से पार्टी को दक्षिण भारत और कश्मीर में बौद्धिक वर्ग का समर्थन भी मिल सकता है।





