back to top
20.1 C
New Delhi
Saturday, April 4, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

लखीमपुर खीरी हिंसा : हरीश साल्वे ने सुप्रीम कोर्ट से मांगा और समय, सुनवाई सोमवार तक के लिए स्थगित

नई दिल्ली, 12 नवंबर (आईएएनएस)। वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे द्वारा कुछ और दिनों का समय मांगे जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को लखीमपुर खीरी हिंसा कांड में सुनवाई सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी। शीर्ष अदालत ने आठ नवंबर को लखीमपुर खीरी हिंसा कांड में केवल एक आरोपी का मोबाइल फोन जब्त करने और दो प्राथमिकी में साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया के संबंध में एसआईटी जांच पर अपना असंतोष व्यक्त किया था। इसने उत्तर प्रदेश सरकार से कहा कि वह चार्जशीट दाखिल होने तक दिन-प्रतिदिन की जांच की निगरानी के लिए एक सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की नियुक्ति करना चाहती है। पीठ ने साल्वे को अपने सुझाव पर राज्य सरकार से निर्देश लेने को कहा था। आज उत्तर प्रदेश सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे साल्वे ने मामले में कुछ और दिनों का समय मांगा। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश एन.वी. रमण की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया, लॉर्डशिप, क्या आप मुझे सोमवार तक का समय देंगे? मैंने इसे लगभग पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा, हम कुछ काम कर रहे हैं। पीठ, जिसमें जस्टिस सूर्यकांत और हेमा कोहली भी शामिल हैं, उन्होंने साल्वे के अनुरोध पर सहमति व्यक्त की और मामले को सोमवार को आगे की सुनवाई के लिए निर्धारित किया। पिछली सुनवाई में शीर्ष अदालत ने एक वकील से कहा था, हम मामले में निष्पक्षता लाने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश ने साल्वे से कहा था, स्थिति रिपोर्ट में कुछ भी नहीं है। हमने 10 दिनों का समय दिया है। लैब रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। यह (घटना की जांच) हमारी अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो रही है। शीर्ष अदालत ने साल्वे से सवाल किया था कि लखीमपुर खीरी कांड के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को छोड़कर सभी आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त क्यों नहीं किए गए? न्यायमूर्ति कोहली ने विशेष रूप से पूछा कि क्या सरकार का यह रुख है कि अन्य आरोपी सेल फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे। साल्वे ने कहा कि मामले में कुल 16 आरोपी थे, जिनमें से तीन की मौत हो गई और 13 को गिरफ्तार कर लिया गया। कोहली ने पूछा, 13 आरोपियों में से एक आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है? शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार से कहा कि प्रदर्शन कर रहे किसानों को वाहन से कुचलने और आरोपियों की पीट-पीट कर हत्या करने की दोनों घटनाओं की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए। शीर्ष अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया से ऐसा प्रतीत होता है कि एक विशेष तरीके से गवाहों के बयान दर्ज करके एक विशेष आरोपी को फायदा पहुंचाया जा रहा है। न्यायमूर्ति कांत ने कहा, हमें जो प्रतीत होता है वह यह है कि एसआईटी प्राथमिकी (एक जहां किसानों को कार से कुचला गया और अन्य आरोपी मारे गए) के बीच जांच दूरी बनाए रखने में असमर्थ है। पीठ ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश एसआईटी द्वारा साक्ष्य दर्ज करने के लिए अपनाई गई प्रक्रिया के बारे में आश्वस्त नहीं है, उन्होंने कहा, हम दिन-प्रतिदिन की जांच की निगरानी के लिए एक अलग उच्च न्यायालय से एक न्यायाधीश नियुक्त करने के इच्छुक हैं, जब तक जार्चशीट दाखिल नहीं हो जाती। हिंसा 3 अक्टूबर को हुई थी, जिसके परिणामस्वरूप केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा के काफिले में चार किसानों सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी, जिनको कथित तौर पर वाहनों द्वारा कुचल दिया गया था। –आईएएनएस एसकेके/आरजेएस

Advertisementspot_img

Also Read:

छुट्टी रद्द होते ही GenZ कर्मचारी का अनोखा रिएक्शन, एयरपोर्ट से बोलीं- अब 10 दिन बाद ही खुलेगा लैपटॉप

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । सोचिए, आप फ्लाइट पकड़ने ही वाले हों और तभी ऑफिस से मैसेज आए कि आपकी छुट्टियां रद्द कर दी गई...
spot_img

Latest Stories

क्या आप भी शनिवार का व्रत रखने का सोच रहे हैं? तो जानिए कब और कैसे शुरू करें

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। शनिदेव को प्रसन्न करने के...

Travel Tips: हनीमून का बना रहे हैं प्लान, तब इन जगहों पर करें विजिट

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। इस समय का मौसम अभी...

Vastu Tips: शनिवार के दिन जरूर करें वास्तु उपाय, बनी रहेगी शनिदेव की कृपा

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। आज शनिवार के दिन शनि...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵