नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। 10 फरवरी, 1771 में महादजी शिंदे ने यमुना के किनारे तत्कालीन मुगल शासित दिल्ली पर कब्जा करने के लिए एक शक्तिशाली मराठा सेना का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया था। 11 फरवरी, 2022 को शिंदे के वर्तमान वंशज और नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री और भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया युग के आयोजन की 251वीं वर्षगांठ समारोह में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम दिल्ली मराठी प्रतिष्ठान रामभाऊ म्हालगी प्रतिष्ठान, मुंबई के पास जिला ठाणे में स्थित एक संगठन, नागरिक शासन में सुधार के लिए काम कर रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यसभा सदस्य डॉ विनय सहस्त्रबुद्धे करेंगे, जो भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के प्रमुख भी हैं। दिल्ली मराठी प्रतिष्ठान के विवेक गार्गे ने कहा कि यह वर्ष उस अवसर की 251वीं वर्षगांठ का प्रतीक है जब महादजी शिंदे के नेतृत्व में मराठा सेना द्वारा दिल्ली पर सफलतापूर्वक कब्जा कर लिया गया था। हमने दिल्ली विजयोत्सव की योजना बनाई है, जो उस महत्वपूर्ण अवसर का जश्न मनाने और सम्माननीय मराठा योद्धाओं को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए है। महादजी शिंदे को 1761 में पानीपत की तीसरी लड़ाई की पराजय के बाद मराठा बलों के पुनर्गठन में उनकी शानदार भूमिका के लिए याद किया जाता है, जिसके बाद उन्होंने अफगानों से दिल्ली पर सफल कब्जा करने और उत्तर भारत की सर्वोच्चता हासिल करने का नेतृत्व किया। संयोग से, पिछले साल उसी दिन की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर, ज्योतिरादित्य सिंधिया की चाची, उनके पिता की बहन, यशोधरा राजे सिंधिया ने पुणे में इसी तरह के उत्सव में भाग लिया था। –आईएएनएस एमएसबी/एसकेके




