नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क। साल 2025 का पहला चंद्र ग्रहण इसी महीने मार्च में लगने जा रहा है। चंद्र ग्रहण एक आश्चर्यजनक खगोलीय घटना है, जिसमें चंद्रमा पृथ्वी की छाया में छिप जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण जब भी लगता है तो उससे पहले सूतक लग जाता है। चूंकि चंद्र ग्रहण होली के त्यौहार के साथ होने जा रहा है, इसलिए होली अनुष्ठानों पर इसके प्रभाव को लेकर चिंता जताई गई। आइये जानते हैं कि चंद्र ग्रहण का भारत पर क्या प्रभाव पड़ेगा और कहां-कहां दिखाई देगा।
कब लगेगा चंद्रग्रहण?
साल 2025 का पहला चंद्रग्रहण मार्च महीने में कही लगेगा। फाल्गुन पूर्णिमा तिथि यानि 14 मार्च को होली के मौके पर चंद्र ग्रहण लगेगा। चंद्रग्रहण दोपहर में 2 बजकर 21 मिनट पर प्रारंभ होगा, जो कि शाम 6 बजकर 14 मिनट पर समाप्त होगा। शाम में 4 बजकर 17 मिनट पर ग्रहण का मध्यकाल होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह खंडग्रास चंद्रग्रहण होगा। खग्रास चंद्र ग्रहण उसे कहते है, जिसमें चंद्रमा का कुछ ही हिस्सा ग्रसित हुआ दिखाई देता है।
कहां-कहां दिखाई देगा चंद्रग्रहण ?
यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। जबकि उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका (कनाडा, अमेरिका, दक्षिण अमेरिका) में खग्रास रूप में देखा जा सकेगा, यानी इसे शुरूआत से लेकर इसकी समाप्ति तक इसे देखा जा सकता है। यूरोप के अधिकांश देशों (ब्रिटेन, इटली, फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, पुर्तगाल, स्पेन आदि), पूर्वी दक्षिणी अमेरिका और पश्चिमी अफ्रीका के कुछ जगहों में यह ग्रहण चंद्रास्त के समय खंडग्रास रूप में दिखाई देगा।
ऑस्ट्रेलिया के अधिकांश हिस्से (मेलबर्न, सिडनी आदि), पूर्वी एशिया (जापान, दक्षिण कोरिया), फिजी और अन्य क्षेत्रों में भी ग्रहण चंद्रोदय के समय खंडग्रास रूप में दिखाई देगा। इसके साथ ही हॉलैंड, नॉर्वे, पोलैंड, पुर्तगाल, रोमानिया, उत्तरी रूस, स्पेन, सूरीनाम, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, यूक्रेन, अमेरिका के पूर्वी हिस्सों (न्यूयॉर्क आदि) और इंग्लैंड में यह ग्रहण दिखाई देगा।
बता दें कि भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इस वजह से इसका सूतक काल भी भारत में मान्य नहीं होगा। इसलिए होली के अनुष्ठानों पर इस ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला।





