नई दिल्ली/ रफ्तार डेस्क । बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीति पार्टियों में हलचल तेज हो गई है। आगामी चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के पटना कार्यालयों में टिकट के दावेदारों की भीड़ जुटना शुरु हो गई है। JDU एनडीए के गठबंधन में चुनाव लड़ रही है। इस लिए जेडीयू दफ्तार में कार्यकर्ताओं को सीटों के बंटवारे तक इंतजार करने को कहा गया है।
वहीं, पार्टी सामाजिक समीकरणों ओर दावेदारों की मजबूत पकड़ के आधार पर प्रत्याशियों का चुनाव करेगी। हालांकि, विधानसभा चुनाव मध्य नजर टिकटों के बंटवारें को लेकर बड़े नामों के नाम पर पहले से ही सहमति बन चुके है। कार्यकर्ताओं को क्षेत्र में सक्रिय रहने की सलाह दी जा रही है।
जदयू के प्रदेश दफ्तर में दावेदारी का आवेदन लेकर पहुंचे कार्यकार्ताओं को समझाइस दी जा रही है कि एनडीए में जब अभी यह तय ही नहीं हुआ है कि गठबंधन के घटक के किस दल को कितनी और कौन-कौन सी सीटें मिल रही तो फिर टिकट को लेकर आवेदन करने का कोई मतलब नहीं। इस वजह से आवेदन लिए जाने से परहेज किया जा रहा।
सीटों को लेकर फीडबैक और सर्वे का दौर भी चल रहा
वहीं, JDU सूत्रों ने बताया कि, पार्टी ने अपने स्तर पर यह सर्वे भी शुरू है कि कौन सी सीट सामाजिक समीकरण के लिहाज से जदयू के लिए फिट है। वहां के संभावित प्रत्याशियों के फीडबैक भी लिए जा रहे। जिला स्तर पर संगठन के लोगों और प्रभारियों से रिपोर्ट पेश करने को कहा है। रिपोर्ट के आधार पर जिन लोगों के पक्ष में दो या दो अधिक रिपोर्ट हैं उनके नाम पर कई स्तर पर विचार-विमर्श किया जाना है।
बड़े नेताओं के नाम पहले से ही तय
जदयू पार्टी के संबंधित पदाधिकारियों ने कहा कि इस बार फीडबैक और सर्वे रिपोर्ट तथा सामाजिक समीकरण के आधार पर ही उम्मीदवारों को टिकट दिया जाएगा। इसलिए टिकट के लिए आवेदन लेने की कवायद को सीमित स्तर पर रखा जाएगा। वहीं, पार्टी के बड़े नेताओं के नाम जो विधानसभा चुनाव में उतरते रहे हैं उनके नाम पर पहले से ही सहमति बन चुकी है। इसलिए उनसे जुड़ी सीटों पर किसी तरह की बदलाव की गुंजाइश नहीं दिखती है।
इस के अलावा, जदयू प्रदेश कार्यालय में टिकट का आवेदन लेकर पहुंच रहे कार्यकर्ताओं को यह नसीहत दी जा रही के क्षेत्र में जाकर लोगों से मिले-जुलें। जब समय आएगा तभी यहां पहुंचें। फिलहाल, टिकट के बंटवारे में समय अभी समय है।





