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Saturday, April 11, 2026
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Domicile Certificate: क्या होता है मूल निवास प्रमाण पत्र? जानें क्या है इसके फायदे

नई दिल्ली: Importance of Domicile Certificate: मूल-निवास, निवास प्रमाण पत्र या डोमिसाइल सर्टिफिकेट हर राज्य में बनाया जाने वाला ऐसा दस्तावेज़ है, जो आपके गृहराज्य, निवास स्थान आदि का प्रमाण होता है। इस पर आपके ग्राम, तालुका, जिला घर का पता जैसी जानकारी के बारे में लिखा होता है। यह आपका एड्रेस प्रूफ भी होता है। निवास प्रमाण पत्र हर राज्य में ऑनलाइन या ऑफलाइन या दोनों ही तरीके से बनाया जा सकता है।

निवास प्रमाण पत्र के क्या फायदे हैं? (Benefits of Domicile Certificate)

निवास प्रमाण पत्र (Mool Nivas Praman Patra ke Faayde) या डोमिसाइल सर्टिफिकेट आपको राज्य स्तर पर कई सरकारी सुविधाएं मुहैया कराता है। स्कूल-कॉलेज या सरकारी नौकरी में क्षेत्रीयता आधारित आरक्षणों का लाभ लेने के लिए मूल-निवास प्रमाण पत्र बेहद जरूरी दस्तावेज़ है। इसके अलावा छात्रवृत्ति योजन, शैक्षणिक संस्थानों में फीस माफ या फीस में छूट के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। कई बार लोन या फाइनेंस कंपनी भी लोन देने से पहले निवास प्रमाण पत्र की मांग करती हैं।

निवास प्रमाण पत्र के लिए कौन कर सकता है आवेदन?

निवास प्रमाण पत्र या डोमिसाइल सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कर सकते हैं यदि:

  • आप पिछले 3 साल से किसी एक राज्य के निवासी हैं

  • आप संबंधित राज्य में घर/संपत्ति/भूमि के मालिक हैं

  • मतदाता सूची में आपका नाम है

  • शादी के बाद महिला अपने पति के गृह राज्य या निवास स्थान पर मूल-निवास पत्र के लिए आवेदन कर सकती है

  • वहीं, बच्चों और नाबालिग के लिए माता-पिता के निवास स्थान के आधार पर निवास प्रमाण पत्र जारी किया जा सकता है

निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन (How to Apply for Domicile Certificate)

  • निवास प्रमाण पत्र के फॉर्म में तय की गए अनुबंध- I के अनुसार हलफनामा

  • पहचान पत्र (आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, आदि)

  • एड्रैस प्रूफ (बिजली बिल, पानी बिल, टेलीफोन बिल, आदि)

  • जन्म प्रमाण पत्र की कॉपी

  • आवेदक के पास अपनी जमीन होने का प्रमाण

  • पासपोर्ट साइज़ रंगीन फोटो

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