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कनाडा के आंकड़ों के आधार पर पाकिस्तन को राज्य-विरोधी बताने पर असहमत

इस्लामाबाद, 14 अगस्त (आईएएनएस)। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) ने सरकार द्वारा राजनीतिक विरोधियों और पत्रकारों को धारणाओं के आधार पर राज्य विरोधी तत्व घोषित करने वाली एक रिपोर्ट को भ्रामक बताते हुए खारिज कर दिया है। यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए पीएमएल-एन के वरिष्ठ नेता शाहिद खाकान अब्बासी ने कहा कि तथाकथित एंटी-स्टेट ट्रेंड्स डीप एनालिटिक्स रिपोर्ट देश की वास्तविक समस्याओं से देश का ध्यान हटाने के लिए जारी की गई है। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, आर्थिक और कूटनीतिक मोचरें पर सरकार की विफलता शामिल है। उन्होंने कहा कि एक कनाडाई कंपनी के आंकड़ों के आधार पर असहमति की आवाजों को राज्य विरोधी करार दिया गया है, जिसने कहा कि उसने उन्हें कभी पाकिस्तान को नहीं बेचा। उन्होंने कहा कि अफरासियाब खट्टक और फरहतुल्ला बाबर सहित संविधान की सर्वोच्चता के लिए आवाज उठाने के लिए जाने जाने वाले राजनेताओं के नामों का उल्लेख रिपोर्ट में किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान की पूर्व पत्नी रेहम खान को भी नहीं बख्शा गया है। अब्बासी ने कहा कि सरकार के भीतर भ्रष्टाचार के बारे में बोलना और घोटालों के बारे में बात करना राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बन गया है। अब्बासी ने पूछा, मार्शल लॉ के तहत, राजनीतिक नेताओं और पत्रकारों को देशद्रोही कहा जाता है और एक राजनीतिक सरकार के बीच क्या अंतर है जो राजनीतिक दलों और देशभक्तों को राज्य विरोधी के रूप में ब्रांड करता है। उन्होंने कहा कि दस्तावेज में दावा किया गया है कि 30 लाख ट्वीट पोस्ट किए गए थे, लेकिन यह उल्लेख करने में विफल रहा कि वे किस बारे में थे और यह भी नहीं बताया कि ट्वीट देश के खिलाफ थे या पाकिस्तान समर्थक थे। उन्होंने कहा, रिपोर्ट का एक बड़ा हिस्सा पाकिस्तान के राजनीतिक दलों के खिलाफ है। रिपोर्ट यह निर्धारित करने में विफल रही कि ट्वीट देश के पक्ष में थे या उसके हितों के खिलाफ थे। उन्होंने कहा, लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए संघर्ष और संविधान की सर्वोच्चता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बारे में बात करना राज्य विरोधी कृत्यों के रूप में घोषित किया गया है। इस बीच, पाकिस्तान के संघीय सूचना और प्रसारण मंत्री, चौधरी फवाद हुसैन ने दावा किया कि सूचना मंत्रालय की डिजिटल मीडिया विंग (डीएमडब्ल्यू) की कुछ दिनों पहले जारी की गई विश्लेषणात्मक रिपोर्ट में पाकिस्तान से किसी को भी राष्ट्र-विरोधी घोषित नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि डीएमडब्ल्यू ने अपनी रिपोर्ट में ट्विटर पर चल रहे 150 रुझानों का डेटा उपलब्ध कराया। पाकिस्तान विरोधी नैरेटिव बनाने के लिए कुल 37 लाख ट्वीट पोस्ट किए गए। –आईएएनएस एचके/एएनएम

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