नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मद्रास हाई कोर्ट ने थलपति विजय की आने वाली फिल्म ‘जना नायकन’ के सेंसर सर्टिफिकेट में देरी के खिलाफ दायर याचिका पर अपना फैसला सुनाते हुए फिल्म निर्माताओं के पक्ष में आदेश दिया। कोर्ट ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) को तुरंत फिल्म के लिए UA सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया। इस फैसले के साथ फिल्म की रिलीज़ पर लगी रोक हटी और अब यह 9 जनवरी 2026 को अपनी तय रिलीज़ के लिए तैयार है।
‘जना नायकन’ के मेकर्स ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी
बता दे कि, ‘जना नायकन’ के मेकर्स ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि CBFC ने बिना किसी स्पष्ट कारण के फिल्म का सर्टिफिकेशन रोका और टाला। निर्माता वेंकट नारायण की कंपनी KVN प्रोडक्शंस ने अदालत में कहा कि सर्टिफिकेट में देरी से प्रोड्यूसर्स को भारी वित्तीय नुकसान हुआ और फिल्म की रिलीज़ पर अनावश्यक अड़चनें आई हैं।
6 जनवरी को जारी CBFC के लेटर को रद्द कर दिया गया
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि CBFC के चेयरपर्सन के पास फिल्म को रिव्यू कमेटी के पास भेजने का कोई अधिकार नहीं था। 6 जनवरी को जारी CBFC के लेटर को रद्द कर दिया गया और बोर्ड को निर्देशित किया गया कि UA सर्टिफिकेट तुरंत जारी किया जाए। UA सर्टिफिकेट का अर्थ है कि फिल्म का दृश्य सामग्री बच्चे भी देख सकते हैं, और इसे व्यापक दर्शक वर्ग के लिए सुरक्षित माना जाता है।
फिल्म के सेंसर विवाद का मार्ग साफ हो गया
हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि फिल्म के खिलाफ बाद में की गई शिकायतें सोची-समझी और अनुचित लग रही थीं। अदालत ने चेतावनी दी कि इस तरह की शिकायतों पर ध्यान देने से एक खतरनाक प्रवृत्ति शुरू हो सकती है, जिससे सेंसर बोर्ड और फिल्म इंडस्ट्री दोनों को नुकसान हो सकता है। कोर्ट के आदेश के बाद फिल्म के सेंसर विवाद का मार्ग साफ हो गया और अब फिल्म रिलीज़ के लिए तैयार है।
बिना किसी और कटौती के UA सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया।
फिल्म के सर्टिफिकेशन में देरी के समय, CBFC की रिव्यू कमेटी और एडवाइजरी पैनल ने फिल्म के कुछ हिस्सों पर आपत्ति जताई थी। हालांकि, हाई कोर्ट ने इन आपत्तियों को अनुचित ठहराते हुए फिल्म को बिना किसी और कटौती के UA सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया।
फिल्म निर्माताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट सतीश पारासरन ने अदालत में तर्क दिया कि फिल्म का समय पर सर्टिफिकेशन न मिलने से रिलीज़ शेड्यूल प्रभावित हुआ और इससे वित्तीय नुकसान होने की संभावना थी। CBFC की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ARL सुंदरेशन ने भी दलीलें पेश कीं, लेकिन अदालत ने निर्माताओं के पक्ष में निर्णय सुनाया।
थलपति विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म है
‘जना नायकन’ थलपति विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म है, जो उनकी पिछली सुपरहिट फिल्मों की श्रेणी में आती है। फिल्म के मेकर्स ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश से अब वे अपनी प्रचार योजनाओं को समय पर लागू कर सकेंगे और दर्शकों के लिए फिल्म का अनुभव समय पर उपलब्ध कर पाएंगे।
‘जना नायकन’ अब अपनी तय रिलीज़ तिथि के लिए तैयार है।
इस फैसले के साथ फिल्म उद्योग में यह भी संदेश गया कि सेंसर बोर्ड के फैसलों में देरी के खिलाफ कानूनी उपाय मौजूद हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सेंसर प्रमाणपत्र जारी करने में विलंब से फिल्म निर्माताओं को न्यायिक राहत मिल सकती है, जिससे इंडस्ट्री में अनावश्यक अड़चनें कम होंगी।
सभी कानूनी जटिलताओं और विवादों के बावजूद, ‘जना नायकन’ अब अपनी तय रिलीज़ तिथि के लिए तैयार है। UA सर्टिफिकेट के साथ फिल्म को सभी आयु वर्ग के दर्शक देख सकेंगे। इस फैसले से फिल्म इंडस्ट्री में प्रोड्यूसर्स और वितरकों को स्पष्ट संकेत मिला कि न्यायपालिका निर्माताओं के अधिकारों की रक्षा करती है और सेंसर बोर्ड के अनुचित विलंब को रोकती है।





