– विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर धूम्रपान से दूरी बनाने को लेकर डॉक्टरों ने दी सलाह कानपुर, 31 मई (हि.स.)। देश मे बदलती लाइफ स्टाइल में युवा वर्ग के लिए धूम्रपान बहुत तेजी से घर कर रहा है। धूम्रपान करने उनका स्टेटस सिंबल बनता जा रहा है। धूम्रपान से जहां हमारे शरीर फेफड़ों को नुकसान पहुंच रहा है। वही मसूड़ों और दांतों पर भी गलत प्रभाव पड़ रहा है। यह बातें सोमवार को मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नेपाल सिंह ने विश्व तम्बाकू निषेध दिवस में एक कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने कहा कि बीड़ी, सिगरेट या सिगार पीना मुह, गले व दांतों के लिए बहुत ही खतरनाक साबित हो रहा है। इससे कैंसर होने का पूरा खतरा रहता है। देश में हर साल करीब 12 लाख लोग यानि करीब तीन हजार लोग हर रोज दम तोड़ देते हैं। सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन आंकड़ों को कम करने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के नोडल व अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. महेश कुमार का कहना है कि तंबाकू का सेवन करने वालों को करीब 40 तरह के कैंसर और 25 अन्य गंभीर बीमारियों की चपेट में आने की संभावना रहती है। इसमें मुंह व गले का कैंसर प्रमुख हैं। इसके अलावा इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर पड़ जाती है। तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के जनपदीय सलाहकार डा. निधि का कहना है कि बीड़ी-सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पादों पर रोक लगनी चाहिए। लोगों को तंबाकू छोड़ने की सलाह देने के लिए जिला अस्पताल में तंबाकू नियत्रंण कक्ष में निशुल्क सलाह दी जाती है। उन्होंने बताया की एनसीसी और एनएसएस कैडेट्स ने कोविड-19 के नियमों को ध्यान में रखते हुए ने के दुष्प्रभाव संबंधी जागरूकता रैली निकाली। वेबिनार आयोजित हुआ और बैटरी रिक्शा में बैनर लगाकर जागरुकता संदेशों का प्रचार—प्रसार किया गया। इस दौरान कैडेट्स ने विभिन्न स्लोगंस भी लिखे। विद्यार्थियों ने तंबाकू निषेध दिवस के मौके पर पोस्टर्स मेकिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। स्कूल के हर कक्षा के विद्यार्थियों ने पोस्टर्स मेकिंग में हिस्सा लेते हुए नशे से दूर रहने के लिए संदेश लिखे। साथ ही समस्त विभागों द्वारा तम्बाकू मुक्त रखने की शपथ दिलाई गयी और हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। यह भी जानें हर साल 31 मई को तम्बाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने की शुरुआत 1987 में विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा की गई थी। इस वर्ष की इस दिवस की थीम “विजेता बनने के लिए तम्बाकू छोड़े” है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार विश्व में हर साल तम्बाकू सेवन से हर साल 80 लाख लोग दम तोड़ देते हैं। हिन्दुस्थान समाचार/महमूद





