नई दिल्ली, 25 मार्च (हि.स.)। पाकिस्तान से गुरुवार को प्रकाशित अधिकांश समाचार पत्रों ने इस्लामाबाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस द्वारा सीनेट चेयरमैन चुनाव में सत्ताधारी पार्टी के उम्मीदवार संजरानी की जीत के खिलाफ पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी की तरफ से दायर याचिका को रद्द किए जाने के फैसले की खबर को काफी अहमियत से प्रकाशित किया है। अखबारों ने लिखा है कि जस्टिस अतहर मिनल्लाह ने कहा है कि यह मामला पार्लियामेंट का है। अदालत इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती है। अगर आपके पास सचमुच र्प्याप्त संख्या में सीनेटर मौजूद हैं तो आप दोबारा सीनेट का चुनाव करा सकते हैं। हाईकोर्ट के फैसले के बाद पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के लीडर बिलावल भुट्टो ने कहा है कि इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। अखबारों ने ब्रिटेन में इलाज करा रहे पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का पासपोर्ट दोबारा नहीं बनाए जाने से सम्बंधित एक खबर प्रकाशित की है। इस खबर में बताया गया है कि गृह मंत्रालय ने गृह सचिव को निर्देश दिया है कि कि इश्तेहारी मुजरिम और देश से फरारी काट रहे नवाज शरीफ का पासपोर्ट, जिसकी समय सीमा खत्म हो चुकी है, दोबारा जारी नहीं किया जाना चाहिए। अखबारों ने पाकिस्तान सेना के प्रमुख जरनल कमर बाजवा की ब्रिटेन के अपने समकक्ष के साथ मुलाकात करने से सम्बंधित खबरें प्रकाशित की हैं। इस मुलाकात में दोनों सेना प्रमुखों ने क्षेत्र की तमाम समस्याओं पर बातचीत की है और एक दूसरे को हमेशा सहयोग करने का आश्वासन दिया है। अखबारों ने पाकिस्तान में चीनी की जमाखोरी करने और महंगी चीनी बेचने के मामले की जांच करने के लिए एफआईए के जरिए 20 टीमों का गठन कर छापेमारी करने की खबरें भी दी हैं। अखबार का कहना है कि चीनी मिलों के मालिकान पर मनी लांड्रिंग के साथ सट्टेबाज़ी करने का आरोप लगाया जा रहा है। अखबारों का कहना है कि चीनी मिलों पर 110 अरब रुपये की कमाई करने का आरोप एफआईए ने लगाया है। यह सभी खबरें रोजनामा औसाफ, रोजनामा जिन्नाह, रोजनामा नवाएवक्त, रोजनामा खबरें, रोजनामा पाकिस्तान और रोजनामा जंग ने अपने पहले पृष्ठ पर प्रकाशित की हैं। रोजनामा खबरें ने भारत, पाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और अफगानिस्तान की 10 अरब डालर की गैस पाइप लाइन योजना से सम्बंधित खबर काफी महत्व के साथ प्रकाशित की है। इस खबर में बताया गया है कि तापी गैस पाइपलाइन योजना पर काम तेजी से चल रहा है और तुर्कमेनिस्तान ने अफगानिस्तान बॉर्डर तक पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा कर लिया है। चारों देशों ने ऊर्जा के क्षेत्र में अपने आप को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस योजना की शुरूआत की थी। 2010 में तापी योजना पर तुर्कमेनिस्तान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और भारत के राष्ट्र अध्यक्षों ने हस्ताक्षर किया था। अब इस योजना के तहत अफ़गानिस्तान बॉर्डर तक पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा हो गया है। बहुत जल्द अफगानिस्तान इस योजना पर काम शुरू करेगा। उसके बाद पाकिस्तान में इस योजना पर तेजी से काम शुरू किया जाएगा। रोजनामा औसाफ ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग की लीडर मरियम नवाज को लाहौर हाई कोर्ट के जरिए दी गई अंतरिम जमानत की खबर प्रकाशित की है। अखबार का कहना है कि मरियम नवाज को यह संदेह था कि कल शुक्रवार के दिन नैब अदालत में पेशी के दौरान उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जा सकता है। इसलिए उन्होंने हाईकोर्ट में अपनी अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी, जिसे हाईकोर्ट ने मंजूर कर लिया है। हाईकोर्ट ने नैब को मरियम को गिरफ्तार किए जाने से भी रोक दिया है। मरियम नवाज कल अपने समर्थकों के साथ नैब अदालत में हाजिरी देने जा रही हैं। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के लीडर बिलावल भुट्टो ने भी उनके साथ जाने का ऐलान किया है। रोजनामा पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और जम्मू कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती का एक बयान उनकी फोटो के साथ प्रकाशित किया है। अपने बयान में उन्होंने कहा है कि उनके ऊपर लगाए गए मनी लांड्रिंग के आरोपों की जांच कर रहे इंफोर्समेंट डायरेक्टोरेट के दफ्तर पर हाजिरी देने नहीं जाएंगी। महबूबा मुफ्ती का कहना है कि उन्हें इंफोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने जांच में सहयोग के लिए अपने दफ्तर में हाजिर होने के लिए नोटिस भेजा है मगर वह उस पर अमल नहीं करेंगी। वह किसी भी सूरत में ईडी के दफ्तर नहीं जाएंगी। अखबार का कहना है कि ईडी ने बहुत से कश्मीरी नेताओं पर मनी लांड्रिंग का आरोप लगाते हुए इसकी जांच शुरू की है और उन्हें नोटिस भेजा है। रोजनामा जंग ने पाकिस्तान के सूचना प्रसारण मंत्री शिबली फराज़ का एक बयान प्रकाशित किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक ख़त की वजह से पाकिस्तान अपनी कश्मीर पॉलिसी में परिवर्तन नहीं कर सकता है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यौम-ए-पाकिस्तान के मौके पर प्रधानमंत्री इमरान खान को जो खत लिखा है, इससे दोनों देशों के बीच व्याप्त तनाव को दूर करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कश्मीर समस्या के समाधान के लिए पाकिस्तान अपनी पूर्व की पॉलिसी को दरकिनार कर देगा, ऐसी कोई संभावना भविष्य में नजर नहीं आ रही है। अखबार का कहना है कि शिबली फराज़ ने अपने बयान में साफ कहा है कि पाकिस्तान की कश्मीर नीति में कोई बदलाव फिलहाल नहीं की गई है और ना ही भविष्य में किया जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार/एम ओवैस/मोहम्मद शहजाद




