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धमतरी : किसानों को खाद बेचने समितियां दाम को लेकर असमंजस में, कहीं पुराने तो कहीं नए दाम पर बिक रही खाद

धमतरी, 27 मई ( हि. स.)। जिले के 74 समितियां इन दिनों किसानों को खाद बेचने असमंजस में है। नया दाम पर बेंचे या पुराने दाम पर फिलहाल कई जगह तो खाद बेचना ही बंद है, ऐसे में किसानों की परेशानी बढ़ गई है। खरीफ खेती किसानी के लिए शासन ने इस साल खाद की कीमतों में पिछले दिनों बढ़ोतरी की थी, इसका किसानों और राजनीतिक पार्टियों ने जमकर विरोध किया। विरोध के बाद केंद्र सरकार ने कीमत पहले की तरह ही करने की घोषणा तो की है, लेकिन सरकारी आदेश अब तक शासकीय कार्यालयों तक नहीं पहुंच पाई है। ऐसे में जिले पर संचालित 74 समितियां अभी भी असमंजस में है कि किसानों को नया दाम पर खाद बेचे या पुराने पर। असमंजस के चलते कई समितियां ने किसानों को फिलहाल खाद बेचना बंद कर दिया है। उन्हें शासन के नए आदेश आने का बेसब्री से इंतजार है, इससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है। क्योंकि खेती किसानी के लिए गिनती के दिन ही शेष है। मई माह समाप्त होने के साथ खेती किसानी का दौर शुरू हो जाएगा। ऐसे में किसानाें ने अब तक खाद का स्टाक नहीं किया है। इससे उनकी चिंता बढ़ गई है। कुछ जगह पुराने दाम पर बिक्री अंचल में संचालित कुछ समितियों के पदाधिकारियों ने बताया कि खाद के पुराना स्टाक को पुराने दाम पर किसानों को बेच रहे हैं। फिलहाल नया दाम पर असमंजस के चलते खाद की बिक्री अभी तक नहीं किए हैं। जबकि खाद खरीदने के लिए किसानों की डिमांड बढ़ने लगी है। पहले डीएपी खाद का दाम 1200 रुपये प्रति बोरी था, जो बढ़कर 1800 रुपये प्रति बोरी हो गया है। यूरिया का दाम पहले की तरह 266 रुपये प्रति बोरी है। दाम में बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। 1180 रुपये बिकने वाला इफको खाद 1747 रुपये तक चला गया है। पोटाश 940 रुपये प्रति बोरी से 1000 रुपये प्रति बोरी हो गया है। जबकि सुपर फास्फेट का दाम पहले की तरह ही 375 रुपये प्रति बोरी है। शासन से आदेश नहीं मिला प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में जिले की 74 प्राथमिक कृषि साख सहकारी/ आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से कृषक सदस्यों को समितियों में भंडारित रासायनिक खाद यूरिया, सुपर फास्फेट, डीएपी, इफ्को, पोटाश आदि का वितरण किया जा रहा है। कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य ने बताया कि इस वर्ष खाद के मूल्य में वृद्धि होने की वजह से सहकारी समितियों द्वारा कृषक सदस्यों को वृद्धि दर पर खाद का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि खाद की वृद्धि दर में सब्सिडी (छूट) दिए जाने के संबंध में शासन से कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा है कि शासन से आदेश मिलने पर सब्सिडी की राशि कृषक सदस्यों के ऋण खाता में समायोजित कर दी जाएगी। हिन्दुस्थान समाचार / रोशन

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