लखनऊ, 9 जुलाई (आईएएनएस)। लखनऊ में सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ सब-ट्रॉपिकल हॉर्टिकल्चर (सीआईएसएच) द्वारा विकसित जामुन (ब्लैक प्लम) की एक नई किस्म अब लंदन को निर्यात की जा रही है। जामवंत काले बेर की एक विशेष किस्म है, जिसमें 90 प्रतिशत से अधिक गुदा होता है। इसकी खेती कानपुर के बिठूर में किसानों द्वारा की जाती है और अब इसका निर्यात किया जाएगा। सीआईएसएच के निदेशक शैलेंद्र राजन ने कहा, यह एक बड़ी सफलता है। इस जामुन के औषधीय गुणों ने इसे इतना लोकप्रिय बना दिया है। इसे यूरोप के बाजारों में अनोखा करार दिया गया है। सीआईएसएच निदेशक ने बताया कि कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) द्वारा फलों की पहली खेप जून के पहले सप्ताह में भेजी गई थी। एपीडा के एक वरिष्ठ अधिकारी डॉ सीबी सिंह ने कहा कि जामुन में आम की तरह ही निर्यात की बहुत अधिक संभावनाएं हैं। यह मधुमेह के रोगियों के लिए बहुत कारगर है, इसमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स की प्रचुरता है और इसके साथ ही साथ जामुन में बायोएक्टिव कम्पाउंड्स भी है, जो सेहत के लिए बेहद लाभकारी है। –आईएएनएस एएसएन/एएनएम




