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गमगीन माहौल में तीन बच्चों का हुआ अंतिम संस्कार, मिट्टी का टीला ढहने से हुई थी मौत

झुंझुनू,21 मार्च(हि.स.)। जिले के उदयपुरवाटी थाना इलाके में शनिवार देर शाम को मिट्टी के टीले पर खेल रहे तीन बच्चों की जान चली गई। रविवार को सुबह गमगीन माहौल में तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। पूरे गांव में हादसे के बाद जहां एक ओर सन्नाटा है। वहीं बच्चों के घर में कोहराम मचा हुआ है। मां बाप और अन्य परिजनों के आंसू नहीं रूक रहे है। वहीं गांव का हर व्यक्ति, महिला और बच्चा बच्चा घटना के बाद से स्तब्ध है। अंतिम संस्कार में भाजपा जिलाध्यक्ष पवन मावंडिया, कांग्रेस नेता डॉ. राजपाल शर्मा, नवलगढ़ तहसीलदार कपिल उपाध्याय, बागोरिया की ढाणी के सरपंच राजेंद्र सैनी, चिराना सरपंच राजेंद्रसिंह शेखावत आदि शामिल हुए। जिन्होंने घटना पर शोक जताया और आश्वस्त किया कि राज्य सरकार से अधिक से अधिक मदद परिवार को दिलाई जाएगी। ये तीनों ही बच्चें एक ही परिवार के थे। वहीं इनके साथ खेल रहे एक बच्चे का इलाज चौमूं के निजी अस्पताल में चल रहा है। जहां पर उसकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। आपको बता दें कि कल बागोरिया की ढाणी के रहने वाले आठ वर्षीय कृष्ण पुत्र सुरेश, सात वर्षीय प्रिंस पुत्र महेश, 10 वर्षीय निशा उर्फ सोना पुत्री पूर्णमल तथा सात वर्षीय प्रिंस पुत्र पूर्णमल घर के पास ही माटी के टीले पर खेल रहे थे। चारों बच्चे ने मिट्टी में घरोंदे बनाए थे और खेल रहे थे। अचानक मिट्टी के धंसने के कारण चारों मिट्टी में दब गए। उसी वक्त एक और बच्चा उधर से जा रहा था उसने मिट्टी में दबे प्रिंस पुत्र पूर्णमल को देख लिया। उसने शोर मचाया तो ग्रामीणों ने आकर प्रिंस को निकाला। लेकिन कुछ देर बाद पता चला कि वहां पर तीन और बच्चे प्रिंस के साथ थे। जिसमें एक तो उसकी सगी बहन निशा उर्फ सोना, वहीं परिवार के अन्य कृष्ण व प्रिंस पुत्री महेश थे। ग्रामीणों ने हाथों से मिट्टी हटाकर उन्हें भी निकाला। जिन्हें पहले तो चिराना के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। जहां से उन्हें सीकर रैफर किया गया। सीकर में तीन बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं एक का इलाज जारी है। बागोरिया की ढाणी में मिट्टी ढहने से हुई 3 बच्चों की मौत के मामले में जिला प्रशासन से गंभीरता दिखाई है। जिला कलेक्टर उमरदीन खान ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष से तीनों बच्चों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये यानी कुल 3 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की है। जिसे नवलगढ़ उपखंड अधिकारी अनूपसिंह के के निर्देश पर तहसीलदार कपिल कुमार ने मृतक प्रिंस (रावली की ढाणी), निशा (देवीपुरा चिराना), कृष्ण कुमार (रावली की ढाणी) के सहायता राशि का चौक परिजनों को सुपुर्द कर दिया है। जिला प्रशासन की तरफ से पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी और तहसीलदार कपिल कुमार हादसे के बाद मौके पर तुरंत पहुंचे थे और सीकर के कल्याण अस्पताल में भी परिवारजनों के साथ रहे। इसके बाद आज सुबह पोस्टमार्टम करवाकर स्थानीय प्रशासन ने परिजनों को आश्वस्त किया कि वे रविवार शाम तक सहायता राशि अवश्य स्वीकृत करवा देंगे। हिन्दुस्थान समाचार / रमेश/संदीप

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