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Sunday, April 5, 2026
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करीला मेले में इस बार न राई नाचेगी, न बिकेंगे बर्तन

अशोकनगर,19 मार्च(हि.स.)। जिले के मां जानकी स्थिति करीला मेले में इस बार न नृत्यांगनाओं का राई नृत्य होगा, न झूले लगेंगे और न बर्तन बिकेंगे, तथा शराब पिये मिलने वाले व्यक्ति पर 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगेगा। कलेक्टर अभय वर्मा ने शुक्रवार को कलेक्टर सभागार में एक बैठक के दौरान पत्रकारों को इस आशय से अवगत कराते हुए बताया कि प्रदेश में पुन: कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए इस प्रकार का निर्णय करीला मंदिर ट्रस्ट के द्वारा लिया गया है। कलेक्टर का कहना है कि प्रदेश में पुन: कोरोना बडऩे के साथ जिले में भी वर्तमान स्थिति में कोरोना के 8 संक्रमित पाये गए हैं, इस कारण से इस प्रकार के ऐतिहात बरती जा रही है।कलेक्टर का कहना था कि कोरोना संक्रमण को बडऩे से रोकने के लिए करीला स्थित मंदिर परिसर में रंग पंचमी पर भरने वाले मेले में नृत्यांगनाओं के राई नृत्य को प्रतिबंधित करने के साथ बर्तन आदि सभी दुकानों को भी प्रतिबंधित किया गया है। साथ ही बताया गया कि मेले में लगने वाले मनोरंजन के झूले आदि को भी प्रतिबंधित किया गया है। कलेक्टर का कहना था कि मेले में शराब बेचने वाले और शराब पिये मिले व्यक्ति पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा, और मेले में एक परिवार से केवल एक व्यक्ति जा सकेगा।वहीं पुलिस अधीक्षक रघुवंश भदौरिया का कहना है कि मेले में भीड़ को नियंत्रण करने के लिए अलग से पुलिस बल की व्यवस्था की जा रही है। वहीं इस संबंध में करीला मेला ट्रस्ट के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह यादव ने भी हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि पुन: कोरोना संक्रमण के बड़ते खतरे को देखते हुए मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए केबल दर्शन करने के प्रबंध किए गए हैं। 15 से 20 लाख लोग आते हैं मेले में: दरअसल जिले के मां जानकी स्थिति करीला मंदिर परिसर में प्रत्येक वर्ष रंग पंचमी के तीन दिन भव्य मेला भरता है, जिसमें दूर-दूर से करीब 15 से 20 लाख लोग मेले में आते हैं। जहां श्रद्धालु अपनी मन्नतें पूरी होने पर मां जानकी के दरबार में नृत्यांगनाओं का राई नृत्य कराते हैं। जहां मेले में मनोरंजन के लिए झूले आदि लगते हैं और बर्तन आदि की बड़ी-बड़ी दुकानें लगती हैं। 2 अप्रैल को रंग पंचमी पर करीला में भरने वाले मेले में कोरोना संक्रमण को देखते हुए उक्त मेले में भीड़ को कम करने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा ऐतिहात के तौर पर इस वर्ष इस प्रकार के कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं प्रशासन द्वारा मेले में पहुंचने वालों से सामाजिक दूरी के साथ मास्क और सेनिटाइजर का उपयोग करना अनिवार्य किया गया है। हिन्दुस्थान समाचार/ देवेन्द्र ताम्रकार

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