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Wednesday, March 25, 2026
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प्रो. सचिन चतुर्वेदी बने अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के उपाध्यक्ष

भोपाल, 20 मई (हि.स.) । राज्य शासन द्वारा प्रो. सचिन चतुर्वेदी को अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में उपाध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया गया है। प्रो. सचिन चतुर्वेदी मध्यप्रदेश राज्य नीति एवं योजना आयोग के पदेन उपाध्यक्ष भी होंगे। प्रो. चतुर्वेदी का केबिनेट मंत्री का दर्जा रहेगा। यह जानकारी गुरुवार को जनसंपर्क अधिकारी अनुराग उइके ने दी। उल्लेखनीय है कि हाल ही में राज्य शासन द्वारा संस्थान में महानिदेशक का पद समाप्त कर उपाध्यक्ष का पद सृजित किया गया है। साथ ही संस्थान में दो नए पदों- मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पदों का भी सृजन किया गया है। प्रो. सचिन चतुर्वेदी-परिचय प्रो. सचिन चतुर्वेदी नई दिल्ली स्थित स्वायत्त थिंक-टैंक ‘विकासशील देशों के लिए अनुसंधान एवं सूचना प्रणाली (आरआईएस)’ के महानिदेशक हैं। वह येल विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय मामलों के मैकमिलन सेंटर में एक ग्लोबल जस्टिस फेलो भी थे। उन्हें विकास सहयोग नीतियों और दक्षिण-दक्षिण सहयोग से संबंधित मुद्दों पर विशेषज्ञता हासिल है। उन्होंने विश्व व्यापार संगठन पर विशेष ध्यान देने के साथ ही व्यापार और नवाचार संबंधों पर भी काम किया है। प्रो. चतुर्वेदी ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में एक विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएँ दी हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन, विश्व बैंक, यूएन-एस्केप, यूनेस्को, ओईसीडी, राष्ट्रमंडल सचिवालय, आईयूसीएन और भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग तथा पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, इत्यादि में सलाहकार के रूप में भी अपनी सेवाएँ दी हैं। प्रो. चतुर्वेदी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में बोर्ड ऑफ मेंबर्स के सदस्य भी हैं। प्रो. सचिन चतुर्वेदी एम्स्टर्डम विश्वविद्यालय में विकासशील देश के एक फेलो (1996), इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज, शिमला में विजिटिंग फेलो (2003) और जर्मन विकास संस्थान में विजिटिंग स्कॉलर (2007) रह चुके हैं। अंतर्राष्ट्रीय विकास सहयोग और विकासशील देशों के लिए जैव प्रौद्योगिकी पर एक परियोजना के संबंध में एम्स्टर्डम विश्वविद्यालय में अपनी सेवाएँ देना भी उनके कार्य अनुभवों में शामिल है, जिसके लिए नीदरलैंड के विदेश मंत्रालय ने सहायता प्रदान की थी। प्रो. चतुर्वेदी सार्क क्षेत्र में जैव विविधता के संरक्षण पर सहयोग की एक रूपरेखा विकसित करने के लिए गठित विशेषज्ञों की आईजीएसएसी समिति के सदस्य भी रह चुके हैं। इसके साथ ही वह बॉयो-टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट मॉनीटर (नीदरलैंड) के संपादकीय बोर्ड के एक सदस्य और एशियाई जैव प्रौद्योगिकी विकास समीक्षा के संपादक (नई दिल्ली) भी रह चुके हैं। प्रो. सचिन चतुर्वेदी की विशेषज्ञता और शोध के क्षेत्र मुख्यत: राष्ट्रीय नवाचार प्रणाली और जैव प्रौद्योगिकी, जैव विविधता का संरक्षण, बौद्धिक संपदा व्यवस्था और स्वदेशी ज्ञान प्रणाली, खाद्य सुरक्षा, व्यापार और मानक हैं। हिन्दुस्थान समाचार / उमेद

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