back to top
23.1 C
New Delhi
Tuesday, March 24, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

बंगाल में कथा करने की नहीं मिली इजाजत तो धीरेंद्र शास्त्री बोले- दीदी को थैंक यू बोल देना

बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने पश्चिम बंगाल में कथा की अनुमति रद्द होने पर नाराजगी जताते हुए कहा, जब तक दीदी हैं, हम नहीं जाएंगे। कथा रद्द होने पर उन्होंने अनुयायियों को धन्यवाद देने की सलाह दी।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पश्चिम बंगाल में प्रस्तावित कथा कार्यक्रम के रद्द होने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कोलकाता में 10 से 12 अक्टूबर तक होने वाली उनकी कथा को प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं मिली, जिसके बाद बाबा बागेश्वर ने साफ कहा, जब तक बंगाल में दीदी हैं, हम नहीं जाएंगे। जब दादा आएंगे, तब जरूर आएंगे। धीरेंद्र शास्त्री का यह बयान आते ही देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने अपने अनुयायियों से आग्रह किया कि वे इस निर्णय को धर्म की दृष्टि से देखें और किसी भी तरह की टकराव की भावना से दूर रहें।

कथा रद्द, पर संदेश साफ ‘धर्म से समझौता नहीं’

धर्म और समाज में अपने प्रवचनों से लाखों लोगों को जोड़ने वाले धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उन्हें किसी से व्यक्तिगत बैर नहीं है, लेकिन जब धर्म के कार्यक्रमों पर रोक लगाई जाती है, तो वे खामोश नहीं रह सकते।

कथा रद्द होने पर बोले धीरेंद्र शास्त्री

हमने कहा, थैंक यू बोल देना। हम किसी टकराव में नहीं पड़ना चाहते, लेकिन धर्म के लिए खड़े रहना हमारा कर्तव्य है। भगवान करें दीदी बनी रहें… लेकिन बुद्धि ठीक रखें, बाबा बागेश्वर ने अपने बयान में यह भी कहा, हम दुआ करते हैं कि दीदी खुशहाल रहें, लेकिन बुद्धि ठीक रखें। धर्म के विरुद्ध कोई निर्णय समाज को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनका उद्देश्य राजनीति नहीं, बल्कि धर्म और समाज को जागरूक करना है। शास्त्री ने अपने अनुयायियों से अपील की कि वे धैर्य रखें और समाज में सौहार्द बनाए रखें।

अब अगली यात्रा कब? इंतजार में भक्त

बंगाल में कथा कार्यक्रम रद्द होने के बाद यह साफ हो गया है कि धीरेंद्र शास्त्री फिलहाल वहां की यात्रा नहीं करेंगे। लेकिन उन्होंने संकेत दिए कि, जब माहौल ठीक होगा, अनुमति मिलेगी और जनता का समर्थन रहेगा, तब जरूर आएंगे। धार्मिक जगत में धीरेंद्र शास्त्री का यह रुख साहसिक माना जा रहा है। जहां एक ओर उन्होंने कथा रद्द होने पर नाराजगी जताई, वहीं दूसरी ओर शांति और अनुशासन का संदेश भी दिया।

धर्म और राजनीति के बीच संतुलन 

धर्म और राजनीति के बीच संतुलन साधते हुए बाबा बागेश्वर का यह बयान आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की धार्मिक गतिविधियों पर असर डाल सकता है। साथ ही यह सवाल भी उठ खड़ा हुआ है क्या धार्मिक आयोजनों पर प्रतिबंध एक बड़ा सामाजिक संदेश बनता जा रहा है?

Advertisementspot_img

Also Read:

‘गाय, टोपी, टीका, पाकिस्तान…जैसे शब्द हटा दें तो भाजपा खत्म हो जाएगी’, ओवैसी की पार्टी के नेता का तीखा बयान

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता अख्तरुल ईमान ने बड़ा बयान दिया...
spot_img

Latest Stories

यशवंत नाम का मतल-Yashwant Name Meaning

Yashwant Name Meaning - यशवंत नाम का मतलब: Endowed...

Skill Based Jobs: स्कूल पास करते ही इन फील्ड्स में बनाएं करियर, महीने के हजारो रुपये कमा लेंगे

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बढ़ती जनसंख्या और कम होते अवसर...

मां दुर्गा ने क्यों लिया कालरात्रि का विकराल रूप, जानिए ये अद्भुत कथा

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। मां दुर्गा के अनेकों रूप...

क्या ट्रैफिक पुलिस आपकी गाड़ी की चाबी निकाल सकती है? जानिए क्या कहता है Motor Vehicles Act

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आपने रास्ते में सफर के दौरान...

13 साल बाद खत्म हुआ सांसों से संघर्ष, Harish Rana का निधन

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। गाजियाबाद के रहने वाले Harish Rana...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵