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डिजिटल नवाचार के साथ पंजीकरण में वृद्धि भारतीय एमएसएमई के लचीलेपन को दर्शाती है

नई दिल्ली, 26 जून (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस की पूर्व संध्या पर वैश्विक गैर-लाभकारी वाधवानी फाउंडेशन ने कोविड-19 महामारी के कारण संघर्षरत एमएसएमई क्षेत्र को अपने विकास में तेजी लाने के लिए एमएसएमई को सशक्त बनाने का आह्वान किया है। फाउंडेशन ने पिछले एक साल में 550 एसएमई और उनके 5,000 कर्मचारियों को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। देश के आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र में एमएसएमई की भूमिका अहम है और इस अति संभावित क्षेत्र को फिर से दुरुस्त तभी बनाया जा सकता है, जब इसे रणनीतिक रूप से और अधिक गहराई व तेजी के साथ समर्थन मिलेगा। इसलिए सेक्टर को दोबारा मजबूत बनाने के लिए इसमें अधिक निवेश करने, कामगारों की मजदूरी बढ़ाने, लेनदारों के दबाव को कम करने और सबसे जरूरी अधिक महत्वपूर्ण चुनौतियों का पता लगाने की जरूरत है, जिसमें इसका विकास निहित हो। इन्हीं सबसे इसकी वास्तविक क्षमता को उजागर किया जा सकेगा। इन कठिन और चुनौतीपूर्ण समय में और अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस 2021 की पूर्व संध्या पर वाधवानी एडवांटेज के कार्यकारी उपाध्यक्ष समीर साठे ने कहा, जैसा कि महामारी ने दुनिया सहित विशेष रूप से विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को खासा परेशान किया है, इस तथ्य की नए सिरे से पहचान की जा रही है कि एमएसएमई पर ध्यान देने, इसकी देखभाल करने, पोषण करने और इसकी कायाकल्प करने की आवश्यकता है, जिसमें विफल होने पर कुछ ही समय के भीतर दुनिया में व्यापार, वाणिज्य, अर्थशास्त्र और आजीविका की सुनियोजित व्यवस्था मुरझा जाएगी। उन्होंने आगे कहा, एमएसएमई पंजीकरण में हालिया उछाल और उनके व्यवसायों में डिजिटल नवाचार को शामिल करना महामारी के बावजूद एमएसएमई के लचीलेपन का एक उत्साहजनक संकेतक है। वाधवानी एडवांटेज अपने व्यापार की बुनियादी बातों को तेज और मजबूत करने, मध्यम अवधि में अपने व्यवसाय को स्थिर करने और लंबी अवधि में तेजी से विकास को सुविधाजनक बनाने पर केंद्रित है। साठे ने आगे यह भी कहा, हम स्वचालित बिजनेस डिस्कवरी और ट्रांसफॉर्मेशन टूल्स की मदद से व्यवसायों को उनकी अधिकतम क्षमता के साथ सशक्त बनाते हैं। हम चाहते हैं कि उद्यमियों को उनके स्वयं के सलाहकार बनने के लिए प्रशिक्षित किया जाए। एमएसएमई क्षेत्र को व्यापक रूप से देश की अर्थव्यवस्था के विकास में व्यापक रूप से योगदान देने के तौर पर स्वीकार किया जाता है, जो सकल घरेलू उत्पाद और रोजगार सृजन दोनों में अर्थव्यवस्था का 30 प्रतिशत से अधिक योगदान देता है। कोविड-19 महामारी का देश के संपूर्ण एमएसएमई क्षेत्र पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इसके तहत अब यह जरूरी है कि उनकी सहायता के लिए पुनरुद्धार के उपाय किए जाएं। अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस, 2021 इस क्षेत्र में आई कठिनाइयों का आत्मनिरीक्षण करने और उन्हें सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है। –आईएएनएस एएसएन/एएनएम

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