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ग्रामीणों की सूझबूझ से गावों में नहीं फैला संक्रमण

– ग्रामीणों ने दिखाई जागरूकता हरदा, 14 मई (हि.स.)। जिले में कोरोना महामारी के मद्देनजर ग्रामीणों की सजगता, सक्रियता और सतर्कता से कई गांवों में महामारी का ज्यादा असर नहीं दिखा। उसके पीछे मुख्य वजह ग्रामीणों की जागरुकता है, जिससे संक्रमण नहीं फैल पाया है। गाइडलाइन और लॉकडाउन को ध्यान में रखते हुए विशेष सावधानी बरती गई। गांव की सीमा को सील करके सभी ने संकल्प लिया कि गाइडलाइन का पालन स्वप्रेरणा से करें और दैनिक जीवन में योग प्राणायाम करके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएं। ग्रामीणों के इस संकल्प में संक्रमण नहीं फैल पाया जिसके कारण शासन-प्रशासन को शांति मिली और जिला प्रशासन ने संक्रमण रोकने के व्यापक स्तर पर कार्य योजना बनाई और मूर्त रूप दिया। जिला पंचायत हरदा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. राम कुमार शर्मा ने जागरुकता के लिए उल्लेखनीय कदम उठाया। समाजसेवियों, पंचायत सचिवों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं आदि को आगे करके संक्रमण को रोकने का प्रयास किया और लोगों को जागरूक किया। समझाइश दी कि सभी अपने स्तर से संक्रमण रोकने का प्रयास करें। तत्पश्चात लोगों ने बैरिकेट्स लगाकर बाहर के लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई। निगरानी के लिए ग्रामीणों ने आपस में सहयोग करके बारी-बारी से पहरेदारी करने की योजना बनाई। जानकारी के अनुसार ग्रामीणों ने लोगों को मास्क लगाने के लिए प्रेरित किया। बिना मास्क वाले लोगों को रोक-टोक कर मास्क लगवाया। संक्रमण से बचने के लिए सावधानी ही एकमात्र सहज सरल रास्ता है जिसको अपना कर ग्रामीणों ने सहयोग दिया और संक्रमण रोकने में अहम भूमिका निभाई। ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि अति आवश्यक हो तभी घर से बाहर निकलें। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए आवश्यक कार्यों को निपटा कर तत्काल वापस लौट आएं। भीड़-भाड़ से दूर रहने के साथ-साथ सैनिटाइजर सभी अपने पास रखें। बाहर से आने पर साबुन से हाथ, पैर, मुंह धोकर ही घर में प्रवेश करते हैं। बीमारी ना छिपाने का भी ग्रामीणों ने संकल्प लिया है। गांव में जो भी बीमार होता है जागरूक व्यक्ति उसे अस्पताल पहुंचाकर चेकअप करा चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराते हैं। गांव-गांव, घर-घर संपर्क कर संक्रमितों की पहचान की जा रही है। प्राथमिक दल और सर्वेक्षक दल का गठन करके संक्रमितों की पहचान करके उन्हें दवा आदि उपलब्ध करवाई जाती है। इस सावधानी के कारण ही कई गांवों को संक्रमण से बचाया जा सका। बैरागढ़, बीड, भैरोपुर, भमोरी, भाटपरेटिया, भुन्नास, बूंदड़ा, धूरगाडा, हरदाखुर्द झाड़पा, खरपा,नहालखेड़ा, पचोला, चैकड़ी, सिरकंबा, सुरजाना सहीत अनेक क्षैत्रों के ग्रामीणों ने जागरूकता दिखाई जिसके कारण संक्रमण नहीं फैल पाया। सबके सूझबूझ से कोरोना महामारी को फैलने से रोका जा सका। ग्रामीणों ने जोश, जुनून, जज्बा दिखाकर गांव को कोरोना से मुक्त रखा। वहीं खंडवा, बैतूल और देवास की सीमा से जुड़े गांव में विशेष नजर रखी गई। जिला पंचायत सीईओ डॉ. शर्मा ने मानिटरिंग पर विशेष फोकस दिया नोडल अधिकारियों की तैनाती कर रोजाना रिपोर्ट बुलाकर उसके अनुसार चिकित्सा सुविधा सहित अन्य सेवाओं को देने की पहल की गई। जिसके कारण संक्रमण को काबू में कर लिया गया, सभी पंचायतों में क्वारंटाइन सेंटर बनाकर निगरानी रखी गई। मानिटरिंग के दौरान कमी पाए जाने पर उसे रोकने के लिए कदम उठाए गए। लापरवाहों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की गई। जिला पंचायत हरदा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ रामकुमार शर्मा ने बताया कि कोरोना महामारी पर काबू पाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर उसका बेहतर क्रियान्वयन किया गया। जिसके परिणाम स्वरूप सकारात्मक परिणाम सामने नजर आ रहा है। जहां एक और संक्रमण में कमी आई है वहीं दूसरी ओर मृत्यु दर भी कम हुई है। हिन्दुस्थान समाचार/प्रमोद सोमानी

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