back to top
29.1 C
New Delhi
Monday, March 2, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

मॉब लिंचिंग की दर्दनाक घटना, अतहर की पत्नी ने बताई घटना की दिल दहला देने वाली कहानी

नवादा में धर्म पूछकर की गई मॉब लिंचिंग में 35 वर्षीय अतहर हुसैन की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने अमानवीय यातना का आरोप लगाते हुए दोषियों को कड़ी सजा और न्याय की मांग की है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिहार के नवादा जिले के रोह थाना क्षेत्र में 35 वर्षीय मोहम्मद अतहर हुसैन की मॉब लिंचिंग की घटना ने पूरे इलाके को सकते में डाल दिया। 5 दिसंबर की रात डुमरी गांव से लौटते समय अतहर को भट्टा गांव के पास 6-7 नशे में धुत युवकों ने रोक लिया। भीड़ ने घर का पता और नाम पूछने के बाद जैसे ही पता चला कि उनका नाम मोहम्मद अतहर हुसैन है, तो हमला कर दिया। उन्हें साइकिल से उतारकर पैसों की लूट के साथ हाथ-पैर बांधकर एक कमरे में घसीटा गया। परिजनों का आरोप है कि वहां उनके साथ अमानवीय यातनाएं की गईं-पैंट खोलकर धर्म देखा गया, करंट लगाया गया, हाथ और उंगलियां तोड़ी गईं, कान काटे गए और शरीर पर गर्म लोहे की रॉड से चोटें दी गईं।

इलाज के दौरान मौत

घटना के बाद अतहर हुसैन को नवादा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। 7 दिसंबर को उन्होंने अस्पताल में एबीपी संवाददाता को कांपती आवाज में पूरी आपबीती सुनाई थी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उन्हें बचाया और इलाज कराया, लेकिन जख्म इतने गहरे थे कि शरीर साथ नहीं दे सका। शुक्रवार देर रात 12 दिसंबर को बिहारशरीफ सदर अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम नालंदा सदर अस्पताल में फॉरेंसिक टीम और मजिस्ट्रेट की निगरानी में संपन्न हुआ।

पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी

रोह थाना प्रभारी रंजन कुमार ने बताया कि इस मामले में चार आरोपी-सोनू कुमार, रंजन कुमार, सचिन कुमार और श्री कुमार को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य आरोपी अभी फरार हैं। परिजनों ने कार्रवाई को नाकाफी बताया और न्याय की मांग करते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ अपने पति के हत्यारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई चाहिए। बेटे इस्तेखार हुसैन ने झुकी नजरों से कहा कि प्रशासन और सरकार से उनकी सिर्फ यही गुहार है कि उनके पिता के हत्यारों को सजा मिले।

मॉब लिंचिंग पर बढ़ते सवाल

इस भयावह घटना ने नवादा और बिहार में बढ़ती मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। धर्म के नाम पर हिंसा की यह कहानी सामाजिक और प्रशासनिक चुनौती बन चुकी है। परिजनों का दर्द और न्याय की मांग इस बात की ओर इशारा करती है कि केवल गिरफ्तारी से मामले की गहराई नहीं मिटाई जा सकती, बल्कि समाज में धार्मिक सहिष्णुता और सुरक्षा की आवश्यकता को बल देना होगा।

Advertisementspot_img

Also Read:

सदन में शराब की डिलीवरी वाले बयान से बिहार में सियासी भूचाल, RJD विधायक पर JDU-BJP का करारा हमला

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिहार में शराबबंदी को लेकर एक बार फिर राजनीतिक संग्राम छिड़ गया है। आरजेडी विधायक सुनील सिंह के उस बयान ने...
spot_img

Latest Stories

Amitabh Bachchan ने सोशल मीडिया पर किया ऐसा ट्वीट, फैंस में मचा तहलका

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन सोशल...

बंगाल से राज्यसभा की दौड़ में नई एंट्री, ममता बनर्जी ने किया नॉमिनेट, आखिर कौन हैं कोयल मल्लिक?

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की...

The Kerala Story 2 Day 1 Collection: कंट्रोवर्सी के बाद भी बॉक्स ऑफिस पर मजबूत ओपनिंग

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कोर्ट केस और सियासी विवादों के...

तेहरान समेत ईरान के कई इलाकों में विस्फोट, इजरायल की बड़ी सैन्य कार्रवाई का दावा

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अंतरराष्ट्रीय माहौल आज 28 फरवरी 2026...