back to top
21.1 C
New Delhi
Friday, March 27, 2026
[test_ok] [pincode_search_ui]
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Business Idea: नौकरी छोड़ कर आज ही शुरू करें इस फल की खेती, पहले महीने ही बन जाएंगे लखपति

नई दिल्ली। बेरोजगारी और कोरोना काल में कई नौकरियों की वजह से लोग अब कई लोग खुद का बिजनेस करने लगे हैं। वहीं कुछ ऐसे भी हैं, जो नया बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें सही आइडिया नहीं मिल रहा है। आज हम आपको एक ऐसा ही बिजनेस आइडिया (Business Idea) बताने जा रहे हैं, जो आपको बंपर कमाई देगा और वो भी पहले ही महीने से। दरअसल, आज हम बात कर रहे हैं स्ट्राबरी की खेती (Strawberry Farming) की। यह एक ऐसा कारोबार है कि कई युवा इसे करके लखपति बन चुके हैं। सबसे खास बात इसके लिए आपके पास बस एक एकड़ की जमीन होनी चाहिए।

खर्च कम और डिमांड ज्यादा

स्ट्राबेरी की खेती (Strawberry Farming) आधुिनक तरीके से की जाती है, इसलिए इसमें खर्चा भी कम होता है। साथ ही इसमें सिंचाई की जरूरत भी कम होती है। स्ट्राबेरी की बेल रस्सी की तरह लंबी होती रहती है, इसलिए बेलों को फैलाने के लिए ज्यादा जगह चाहिए। आमतौर पर बेलों को फैलाने के लिए लकड़ी का इस्तेमाल किया जाता है और यह बेलें उस लकड़ी पर लिपट जाती है।

स्ट्राबेरी की खेती (Strawberry Farming) से जुड़े जानकार बताते हैं कि स्ट्राबेरी कई सारे विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होती है, जो सेहत के लिए काफी फायदेमंद हैं। स्ट्राबेरी आंखों की रोशनी बढ़ाने के साथ दांतों की चमक बढ़ाने में भी मदद करती है। इसका इस्तेमाल आइसक्रीम, जेली और कई मिठाइयों मे होता है, इसलिए इसकी डिमांड भरपूर है। डिमांड ज्यादा और उपलब्धता कम होने की वजह से इसके दाम भी काफी अच्छे मिल जाते हैं।

कैसे करें स्ट्राबेरी की खेती?

स्ट्राबेरी की खेती आमतौर पर पहाड़ी इलाकों जैसे कि देहरादून, नैनीताल, हिमाचल प्रदेश, महाबलेश्वर, नीलगिरी, महाराष्ट्र, दार्जलिंग में व्यावसायिक तौर पर किया जा रहा है। स्ट्रॉबेरी की खेती (Strawberry Farming) के लिए बलुई मिट्टी या दोमट मिट्टी को अच्छा माना जाता है। पौधे लगाने का सही समय 10 सितम्बर से 15 अक्टूबर के बीच है।

कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि स्ट्राबेरी की खेती के लिए इसके लिए तापमान को 30 डिग्री से ज्यादा नहीं होना चाहिए। ठंडी जलवायु की फसल स्‍ट्रॉबेरी की खेती (Strawberry Farming) के लिए पॉली हाऊस तकनीक सबसे बेहतर मानी जाती है। हालांकि, कम संसाधनों में फसल सुरक्षित रखने के लिए उन्होंने धूप-पाले से बचाने वाली पॉली टनल की विधि अपनाई जा सकती है। हर दिन नियमित रूप से पौधों को साफ करना होता है। पौधों में नमी बनाए रखने के लिए ड्रिप इरिगेशन से सिंचाई सबसे बेहतर है।

कहां से खरीदे पौधे?

स्ट्राबेरी की खेती (Strawberry Farming) के लिए आप केएफ बायोप्लान्ट्स प्राइवेट लिमिटेड पुणे से पौधे खरीद सकते हैं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश से भी स्ट्राबेरी का पौधा खरीदा जा सकता है। बेचने के लिहाज से यह बहुत जल्दी बिक जाने वाला फल होता है, क्योंकि इसकी मांग अधिक है व पूर्ति कम है। आमतौर पर स्ट्राबेरी बाज़ार में 300 से 600 रूपए तक आसानी से बिक जाती है। इसकी खरीदार भी आपको फसल लगने के साथ ही मिल जाते हैं आप इसकी एडवांस बुकिंग भी ले सकते हैं। आपकी कुल लागत जो भी हो इससे आपको उस लागत का 3 गुना तो बहुत आसानी से कमा सकते हैं।

Advertisementspot_img

Also Read:

Solar Panel: घर की छत पर सोलर पैनल लगाकर कमाएं मोटी रकम, जानें सभी फायदें, ऐसे करें अप्लाई

नई दिल्ली, रफ्तार। प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना के तहत केंद्र सरकार देशभर में एक करोड़ घरों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का...
spot_img

Latest Stories

इस गर्मी घूमें यूपी में छिपी ये ठंडक भरी जगहें, भूल जाएंगे नैनीताल और मनाली

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मार्च के समय में गर्मी...

Vastu Tips: माता लक्ष्मी से जुड़ा करें ये वास्तु उपाय चमक उठेगा आपका भाग्य, आएगी तरक्की

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵