नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। एक बार फिर देश को झकझोर देने वाली बेहद घिनौनी वारदात गुजरात के राजकोट से सामने आई है। यहां एक 6 साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदों ने सारी हदें पार करते हुए दिल्ली के ‘निर्भया कांड’ जैसी हैवानियत की है। रेप की कोशिश में नाकाम रहने के बाद आरोपी ने बच्ची के गुप्तांग में एक रॉड जैसा हथियार डाल दिया, जिससे वह बुरी तरह जख्मी हो गई।
खेल रही थी बच्ची, उठा ले गया दरिंदा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मानवता को शर्मसार करने वाली यह दिल दहला देने वाली घटना राजकोट के आथकोट गांव में घटी। एक मजदूर की 6 वर्षीय बेटी खेतों के पास खेल रही थी। इसी दौरान आरोपी उसे बहला-फुसलाकर एक सुनसान इलाके में ले गया। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने बच्ची का गला घोंटकर पहले दुष्कर्म करने की कोशिश की।
जब बच्ची चीख-पुकार मचाने लगी और विरोध किया, तो गुस्से में अंधे हुए दरिंदे ने उसके प्राइवेट पार्ट में रॉड जैसा हथियार डाल दिया। बच्ची को गंभीर रूप से घायल और अर्ध-बेहोशी की हालत में छोड़कर आरोपी मौके से फरार हो गया।
खून से लथपथ मिली बच्ची, राजकोट में इलाज जारी
बेटी के गायब होने पर जब परिवार ने तलाश शुरू की, तो उन्हें वह पास ही खून से लथपथ हालत में मिली। तुरंत बच्ची को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे राजकोट के सरकारी बच्चों के अस्पताल में रेफर कर दिया गया। फिलहाल मासूम का जीवन बचाने के लिए डॉक्टरों की टीम लगातार प्रयास कर रही है।
100 लोगों से पूछताछ, सीसीटीवी खंगाले; फिर हुई गिरफ्तारी
इस जघन्य वारदात की गंभीरता को देखते हुए राजकोट पुलिस ने तुरंत विशेष टीमों का गठन किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आसपास के लगभग 100 लोगों से पूछताछ की, नजदीकी गांवों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मोबाइल डेटा की जांच की। आखिरकार, पुलिस ने बच्ची की पहचान में मदद ली और लंबी तलाश के बाद आरोपी को दबोच लिया।
आरोपी निकला तीन बेटियों का बाप
पुलिस ने जिस दरिंदे को गिरफ्तार किया है, उसकी पहचान मध्य प्रदेश के अलीराजपुर निवासी रामसिंह तेरसिंग (उम्र 35) के रूप में हुई है। यह शर्मनाक है कि 35 वर्षीय रामसिंह खुद तीन बच्चों का पिता है। पुलिस के सामने आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 65(2) और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इस वीभत्स अपराध पर पूरे देश में गुस्सा है और लोग आरोपी को जल्द से जल्द फांसी दिए जाने की मांग कर रहे हैं। इस मामले में पुलिस जल्द ही आरोपी के खिलाफ अदालत में मजबूत सबूतों के साथ चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल करेगी।
पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज ऐसे गंभीर मामलों की सुनवाई अक्सर त्वरित न्यायालयों में की जाती है ताकि पीड़िता को जल्द न्याय मिल सके। फिलहाल, बच्ची का इलाज जारी है और बच्ची के स्वास्थ्य और रिकवरी से संबंधित आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन या अपडेट आ सकते हैं।





