back to top
27.1 C
New Delhi
Sunday, March 15, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

पर्युषण पर्व – Paryushan Parv

पर्यूषण पर्व

पर्यूषण पर्व जैन धर्म का मुख्य पर्व है। श्वेतांबर इस पर्व को 8 दिन और दिगंबर संप्रदाय के जैन अनुयायी इसे दस दिन तक मनाते हैं। इस पर्व में जातक विभिन्न आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि योग जैसी साधना तप-जप के साथ करके जीवन को सार्थक बनाने का प्रयास करते हैं।

पर्यूषण पर्व का उद्देश्य (Purpose of the Paryushan Parv)

पर्यूषण पर्व का मूल उद्देश्य आत्मा को शुद्ध करके आवश्यक उपक्रमों पर ध्यान केंद्रित करना होता है। पर्यावरण का शोधन इसके लिए वांछनीय माना जाता है। पर्यूषण पर्व के इस शुभ अवसर पर जैन संत और विद्वान समाज को पर्यूषण पर्व की दशधर्मी शिक्षा को अनुसरण करने की प्रेरणा प्रदान करते हैं।

पर्यूषण पर्व समारोह (Celebration of Paryushan Parv)

पर्यूषण पर्व के दौरान मंदिर, उपाश्रय, स्थानक तथा समवशरण परिसर में अधिकाधिक समय तक रहना जरूरी माना जाता है। इस दौरान कई जातक निर्जला व्रत भी करते हैं।

पर्यूषण पर्व की शिक्षा (Teachings of Paryushan Parv)

मानव की सोई हुई अन्त: चेतना को जागृत करने, आध्यात्मिक ज्ञान के प्रचार, सामाजिक सद्भावना एवं सर्व धर्म समभाव के कथन को बल प्रदान करने के लिए पर्यूषण पर्व मनाया जाता है। साथ ही यह पर्व सिखाता है कि धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष आदि की प्राप्ति में ज्ञान व भक्ति के साथ सद्भावना का होना भी अनिवार्य है।

Advertisementspot_img

Also Read:

spot_img

Latest Stories

LPG, CNG और PNG में क्या होता है अंतर? जानिए रसोई से गाड़ियों तक इन गैसों का काम

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव, खासकर Iran...

Solo घूमने के लिए भारत की ये बेस्ट जगहें, जहां मिलेगा सुकून

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आज के समय में ज्यादातर...

Alia Bhatt Birthday: 19 की उम्र में एक्ट्रेस ने किया डेब्यू, बड़ा अनोखा रहा अब तक का फिल्मी सफर

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आलिया भट्ट सिनेमा की चर्चित...

Vastu Tips: पापमोचनी एकादशी के दिन करें ये वास्तु उपाय, घर में सुख समृद्धि की होगी वृद्धि

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। पापमोचनी एकादशी के दिन आपको...