नई दिल्ली, 16 जून (आईएएनएस)। विश्व आर्थिक मंच इप्सोस सर्वेक्षण के अनुसार, शहरी भारतीयों के लिए गरीबी उन्मूलन, भुखमरी हटाना और लैंगिक समानता हासिल करना सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के बीच प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। इप्सोस के एक बयान में कहा गया है कि सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि शहरी भारतीयों के लिए अच्छा स्वास्थ्य और भलाई सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। इसके अलावा 2021 के लिए वैश्विक नागरिकों की शीर्ष तीन एसडीजी प्राथमिकताएं है, भुखमरी हटाना, गरीबी हटाना, बेहतर स्वास्थ्य और कल्याण। इप्सोस इंडिया के सीईओ अमित अदारकर ने कहा, महामारी और लॉकडाउन ने बड़े पैमाने पर आजीविका को प्रभावित किया है और शीर्ष तीन लक्ष्य केवल यह सुनिश्चित करने में मदद करते हैं कि लोगों को खिलाना और आर्थिक रूप से समर्थित करना है और उपचार और टीकाकरण प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि सरकार ने भी इन तीन क्षेत्रों पर अपना ध्यान केंद्रित किया है, जब तक कि वायरस पर नियंत्रण नहीं हो जाता। उन्होंने कहा, हालांकि भारत जैसे देश के लिए, जो बहुसंख्यक गरीबी में डूबा हैं, ये दीर्घकालिक लक्ष्य हैं। लिंग समानता की भी एक प्रमुख क्षेत्र के रूप में पहचान की गई है। महामारी के बाद महिलाओं पर अधिक दबाव है। इसलिए, भारत में लैंगिक समानता अधिक प्रमुख हो गई है। –आईएएनएस एमएसबी/आरजेएस




