back to top
26.1 C
New Delhi
Monday, April 6, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

बक्सर स्थित गोकुल जलाशय पर्यटकिय सम्भावनाओं से लबरेज है -पर उपेक्षित भी

बक्सर 16 जून (हि.स.)। जिला मुख्यालय से तीस किलोमीटर की दूरी पर बिहार -यूपी के सीमावर्ती गंगा तट के समीप पचीस किलोमीटर के दायरे में फैला गोकुल जलाशय अपनी गोद में असीम पर्यटकीय सम्भावनाओं को समेटे हुए है। मानसून शुरू होते ही यहां की प्रकृतिक दृश्य बरवस ही लोगो को अपनी ओर खीच लेती है।दुर्लभ प्रजाति के काले हिरन ,सायबेरियन पक्षियों के कलरव अन्य जंगली जानवर और पक्षियों को देखने के लिए बिहार -यूपी के लोगो का समूह भी बरसात के साथ मानसून से आनन्दित होने के लिए आते ही रहते है।यह सिलसिला अगस्त माह तक जारी रहता है। दुर्लभ प्रजाति के काले हिरन को देखते हुए स्थानीय प्राकृतिक प्रेमियों में आक्रोश इस बात को लेकर है कि अगर बिहार पर्यटन विभाग इन हिरनों को संरक्षित करे तो विलुप्त होते हिरन के इस प्रजाति को नव जीवन दिया जा सकता है,लेकिन नही मानसून के दौरान जुलाई और अगस्त माह के दौरान गंगा में बाढ़ कि स्थिति बनने पर सम्पूर्ण जलाशय जलमग्न हो जाता है ऐसे में हिरन ग्रामीण क्षेत्रो कि ओर पलायन करते है।जहां बहुतेरे संख्या में इन हिरनों का शिकार किया जाता है। इस बात से प्रशासन भी अवगत है।पर इन दुर्लभ हिरनों को संरक्षण देने की दिशा में सरकार व् जिला प्रशासन का कोई ठोस कदम ना उठाना चिंता का सबब है। भगौलिक सर्वे के अनुसार 1955 के दौरान भीषण कटाव को लेकर जब गंगा ने मार्ग परिवर्तित किया था। इसी वक्त गोकुल जलाशय का निर्माण हुआ था।बाद के दिनों में पचीस किलोमीटर के दायरे में जब स्वतः प्राकृतिक रूप से यह जलाशय विकसित हुआ, तो प्रजनन के लिए माकूल मौसम से आकृष्ट हो साईबेरियन पक्षियों ने यहा अपना बसेरा बना लिया।जनवरी से जुलाई महीने के अंत तक रहने के बाद पुनः ये अपने वतन को लौट जाते है। हजारो किलोमीटर कि दूरी तय कर आये इन प्रवासी पक्षियों का भी स्थानीय लोग शिकार कर दावत उड़ाते है। गंगा और धर्मावती नदी के कछार में निर्मित गोकुल जलाशय चक्की गायघाट ,बलुआ ,चन्द्रपुरा ,नैनीजोर समेत दियाराक्षेत्र से जुड़े हजार लोगो को रोजगार उपलब्ध कराता है।मछुआरे जलाशय कि मछलियों से और सब्जी उत्पादक किसान सब्जियों का उत्पादन कर अपनी आजीविका चलाते है। वर्ष 2012 के दौरान 3,711 करोड़ रूपये की राशि गोकुल जलाशय को पर्यटकीय क्षेत्र में विकसित करने के लिए सरकार द्वारा तय की गई थी। फ़ाइल अब भी गर्त में है ।पर्यटन विभाग द्वारा बीस किलोमीटर लम्बे और तीन सौ मीटर चौड़े नौकायान के रूप में विकसित करने का वादा दिवास्वप्न् के शिवा कुछ भी नही। हिन्दुस्थान समाचार/अजय मिश्रा

Advertisementspot_img

Also Read:

पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा में भगवान बलभद्र के रथ के मोड़ पर अटकने से मची भगदड़, 600 से ज्यादा श्रद्धालु हुए घायल

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क।  महाप्रभु जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथ यात्रा के दौरान इस साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पुरी पहुंचे। लेकिन रथ खींचने के दौरान अव्यवस्था...
spot_img

Latest Stories

मीनल नाम का मतलब-Meenal Name Meaning

Milind Name Meaning – मीनल नाम का मतलब: Precious...

Mouni Roy ने बोल्ड अंदाज में फ्लॉन्ट किया अपना फिगर, शेयर की तस्वीरें

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। एक्ट्रेस मौनी रॉय Mouni Roy...

PF निकालना अब होगा ATM और UPI से आसान, EPFO 3.0 लाएगा बड़ा बदलाव

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत वाली...

माता लक्ष्मी को क्यों कहते हैं धन की देवी, जानिए इसके पीछे की कथा

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। हिंदू धर्म में हर दिन...

KKR vs PBKS मैच पर बारिश का खतरा, जानिए रद्द हुआ तो कैसे तय होगा विजेता

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। IPL 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स...

Sports Quota: खेल के दम पर सरकारी नौकरी कैसे पाएं? जानिए स्पोर्ट्स कोटा का पूरा प्रोसेस

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अगर आप किसी खेल में बेहतर...

Mrunal Thakur ने फिल्म Dacoit के रिलीज से पहले कराया ग्लैमरस फोटोशूट, खींचा सबका ध्यान

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मृणाल ठाकुर (Mrunal Thakur) इस...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵