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Thursday, March 12, 2026
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‘मैडागास्कर में बाल यौन शोषण व्यापक व आम भी’

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने गुरूवार को कहा है कि मैडागास्कर में पर्यटन स्थलों में, बाल यौन शोषण बहुत फैला हुआ है और इसे सहन भी किया जाता है. उन्होंने मैडागास्कर सरकार से बच्चों व युवाओं को यौन शोषण, बाल वेश्यावृत्ति व अन्य तरह के बाल अधिकार हनन से बचाने के लिये ठोस कार्रवाई किये जाने का आहवान किया है. बाल अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र की समिति को गुरूवार को बताया गया है कि धन के बदले में यौन गतिविधियों के लिये मजबूर होने वाले ज़्यादातर बच्चे, अपनी आजीविका की ख़ातिर ऐसा करते हैं. रोकथाम बढ़ाएँ जिनीवा स्थित इस समिति ने मैडागास्कर सरकार से, यौन पर्यटन ख़त्म करने के लिये, बहुपक्षीय, क्षेत्रीय और द्विपक्षीय समझौते मज़बूत करने का आग्रह किया है. जिनीवा में मैडागास्कर के अधिकारियों और सिविल सोसायटी के साथ बातचीत में, इस समिति को, देश में लगातार पड़ते सूखे और पानी व भोजन की लगातार क़िल्लत के कारण, अत्यन्त गम्भीर नाज़ुक हालात के बारे में भी बताया गया. संयुक्त राष्ट्र द्वारा नियुक्त इस स्वतंत्र समिति ने कहा कि मैडागास्कर में इन हालात के कारण, बच्चों में अत्यन्त गम्भीर कुपोषण की दर और भी बदतर हुई है. इस समिति का काम बाल अधिकारों पर कन्वेन्शन को लागू करने में, सदस्य देशों के कामकाज की निगरानी करना है. वेश्यावृत्ति का दायरा व स्तर एक सिविल सोसायटी समूह ‘ECPAT इण्टरनेशनल’ ने इस समिति को सौंपी अपनी रिपोर्ट में बताया है कि मैडागास्कर में बाल वेश्यवृत्ति बहुत व्यापक हो गई है और अब ये बुराई, रात्रि क्लबों, बार्स, मसाज सैलून और होटल वग़ैरा में खुलेआम होती है. इस संगठन ने बताया कि बाल वेश्यावृत्ति बढ़ने का एक मुख्य कारण निर्धनता है और अनेक परिवार अपने बच्चों – मुख्यतः लड़कियों को इस बुराई में धकेल देते हैं, अलबत्ता हाल के वर्षों में लड़कों के साथ वेश्यावृत्ति में बढ़ोत्तरी हुई है. संगठन के अनुसार, 2017 के ताज़ा आँकड़े बताते हैं कि ढाई लाख से भी ज़्यादा सैलानियों ने देश का दौरा किया, मगर ज़्यादातर शोषणकर्ता, इसी देश के नागरिक थे, और सर्वाधिक प्रभावित इलाक़ों में राजधानी व तटवर्ती क़स्बे शामिल हैं. मैडागास्कर में, हाल के सप्ताहों के दौरान, दो घातक तूफ़ान आए हैं जिनके कारण जान-माल का भारी नुक़सान हुआ है. संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता साझीदारों ने प्रभावितों को सहायता मुहैया कराई है, और चरम मौसम की इन घटनाओं के कारण, देश के अनेक हिस्सों में बड़े पैमाने पर भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है. समिति का शासनादेश बाल अधिकारों पर समिति (CRC) में 18 स्वतंत्र विशेषज्ञ हैं जो इसके पक्ष देशों में, बाल अधिकारों पर कन्वेन्शन के क्रियान्वयन की निगरानी करते हैं. ये समिति, इस कन्वेन्शन के दो स्वैच्छिक प्रोटोकॉल्स के क्रियान्वयन की भी निगरानी करती है जो सशस्त्र संघर्षों में बच्चों की भागीदारी, और बाल बिक्री, बाल वेश्यावृत्ति और ‘चाइल्ड पॉर्नोग्राफ़ी’ से सम्बन्धित हैं. –संयुक्त राष्ट्र समाचार/UN News

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