नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । क्रिकेट की प्रतिष्ठित सरजमीं लॉर्ड्स में भारत और इंग्लैंड के बीत मैच खेला जा रहा है। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला का तीसरा मैच आज शुरू हो चुका है। वर्तमान में सीरीज 1-1 की बराबरी पर है और इस मुकाबले में जो भी टीम जीत दर्ज करेगी, उसे बढ़त मिल जाएगी। लीड्स में खेले गए पहले टेस्ट में भारत को हार का सामना करना पड़ा था, जबकि एजबेस्टन में टीम इंडिया ने इतिहास रचते हुए अपना पहला टेस्ट मैच जीत लिया था। अब लॉर्ड्स में उतरते हुए शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम हर हाल में जीत हासिल करना चाहेगी।
शुभमन गिल इस वक्त शानदार फॉर्म में हैं। पिछले टेस्ट मैच में उन्होंने दोनों पारियों में शतक जड़ते हुए एक दोहरा शतक भी लगाया था। लॉर्ड्स में उनका सामना अब सर डॉन ब्रैडमैन के तीन विश्व रिकॉर्ड्स से है। हालांकि, इन रिकॉर्ड्स तक पहुंचना आसान नहीं होगा। लॉर्ड्स की पिच आमतौर पर तेज गेंदबाजों को शुरुआती घड़ी में मदद देती है। पिच पर मौजूद घास के चलते गेंदबाजों को स्विंग और सीम दोनों मिल सकती है। जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ेगा, पिच बल्लेबाजों के लिए थोड़ी आसान हो सकती है। वहीं, मैच के अंतिम दो दिनों में स्पिन गेंदबाजों को भी टर्न मिलने की उम्मीद है, खासकर अगर मौसम साफ रहा।
ब्रैडमैन के नाम 974 रन बनाने का रिकॉर्ड
सर डॉन ब्रैडमैन के नाम टेस्ट क्रिकेट की एक सीरीज में सर्वाधिक 974 रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने यह असाधारण उपलब्धि 1930 में इंग्लैंड दौरे पर हासिल की थी, जहां उन्होंने 5 टेस्ट मैचों की 7 पारियों में ये रन बनाए थे। शुभमन गिल इस रिकॉर्ड के करीब पहुंचने की कोशिश में हैं और उन्हें इसे तोड़ने के लिए अभी 390 रन और बनाने होंगे। यह रिकॉर्ड क्रिकेट इतिहास के सबसे कठिन रिकॉर्ड्स में से एक माना जाता है।
कप्तान के रूप में की शानदार बल्लेबाजी
डॉन ब्रैडमैन ने कप्तान के तौर पर भी अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है। 1936-37 में इंग्लैंड के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया में खेली गई सीरीज में उन्होंने 810 रन बनाकर एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम किया था। अब शुभमन गिल इस रिकॉर्ड को चुनौती देने की स्थिति में हैं। उन्हें ब्रैडमैन का यह रिकॉर्ड तोड़ने के लिए अभी 226 रन और बनाने होंगे। यह साफ संकेत है कि गिल में कप्तान के रूप में भी लंबी पारियां खेलने की काबिलियत मौजूद है।
ये ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी ब्रैडमैन के नाम
डॉन ब्रैडमैन ने कप्तान रहते हुए महज 11 पारियों में 1000 टेस्ट रन पूरे कर यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया था। शुभमन गिल के पास अब इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने का अवसर है, जिसके लिए उन्हें आगामी 6 पारियों में 415 रन बनाने होंगे। यह चुनौती आसान नहीं है, लेकिन जिस फॉर्म में गिल इस वक्त हैं, उसे देखते हुए इसे हासिल करना नामुमकिन भी नहीं कहा जा सकता।





