back to top
28.1 C
New Delhi
Monday, March 16, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

PM Modi Visit UAE: इस दिन दो दिवयीय दौरे पर UAE जायेंगे PM मोदी, अक्षरधाम मंदिर का करेंगे उद्घाटन

Abu Dhabi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 से 14 फरवरी UAE के दौरे पर रहेंगे। प्रधानमंत्री वहां बने पहले मुस्लिम देश में अक्षरधाम मंदिर का उद्घाटन करेंगे।

नई दिल्ली, हि.स.। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 से 14 फरवरी तक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की आधिकारिक यात्रा करेंगे जहां वे अबू धाबी में पहले हिंदू मंदिर बीएपीएस मंदिर का उद्घाटन करेंगे। वे विश्व सरकार शिखर सम्मेलन 2024 में सम्मानित अतिथि के रूप में भाग लेंगे और शिखर सम्मेलन में एक विशेष मुख्य भाषण देंगे।

दो दिन के दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी

विदेश मंत्रालय ने शनिवार को उनकी यात्रा की जानकारी दी। मंत्रालय के अनुसार 2015 के बाद से यह प्रधानमंत्री मोदी की संयुक्त अरब अमीरात की सातवीं यात्रा और पिछले 8 महीनों में तीसरी यात्रा होगी। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।

मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेता देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहरा, विस्तारित और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करेंगे और आपसी हित के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। प्रधानमंत्री यूएई के उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम से भी मुलाकात करेंगे। वह अबू धाबी के जायद स्पोर्ट्स सिटी में एक कार्यक्रम में संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे।

भारतीय संस्कृति UAE में

उल्लेखनीय है कि लगभग 35 लाख मजबूत और जीवंत भारतीय समुदाय संयुक्त अरब अमीरात में सबसे बड़ा प्रवासी समूह है। मेजबान देश के विकास में उनका सकारात्मक और सराहनीय योगदान यूएई के साथ दोनों देशो के बीच उत्कृष्ट द्विपक्षीय जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण आधार रहा है।

बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर

यह मंदिर 27 एकड़ में फैला है और इसकी ऊंचाई 108 फीट है। इसके निर्माण में 18 लाख ईंटों का इस्तेमाल किया गया है। दुनिया भर के अन्य सभी बीएपीएस मंदिरों की तरह यह मंदिर हर किसी के लिए खुला है। पारंपरिक नागर शैली में बना यह मंदिर सार्वभौमिक मूल्यों, विभिन्न संस्कृतियों के सद्भाव की कहानियों, अवतारों और हिंदू आध्यात्मिक नेताओं का प्रतिनिधित्व करता है।

UAE में बने मंदिर की खासियत

मंदिर के बाहरी हिस्से में राजस्थान के गुलाबी बलुआ पत्थर का उपयोग किया गया है। मंदिर के आंतरिक भाग में इटालियन मार्बल का उपयोग किया गया है। मंदिर में केंद्रीय गुंबद – ‘सद्भाव का गुंबद’ और ‘शांति का गुंबद’ हैं। 7 शिखर, 12 समरन शिखर जिसको ‘घुम्मट’ कहते हैं। 7 शिखर संयुक्त अरब अमीरात के सात अमीरातों के प्रतिनिधि है। इसमें 402 खंभे, 25,000 पत्थर के टुकड़े, मंदिर तक जाने वाले रास्ते के चारों ओर 96 घंटियाँ और गौमुख स्थापित हैं। इसमें नैनो टाइल्स का इस्तेमाल किया गया है, जो गर्मी की मौसम में भी पर्यटकों के लिए चलने में आरामदायक होगी। मंदिर के ऊपर बायीं ओर 1997 में अबू धाबी में मंदिर की कल्पना करने वाले परम पूज्य प्रमुख स्वामीजी महाराज के दृश्य की एक पत्थर की नक्काशी है। मंदिर के ऊपरी दाहिनी ओर उस समय की स्मृति उकेरी गई है जब परम पूज्य महंत स्वामीजी महाराज ने 2019 में आधारशिला रखी थी।

‘स्तंभों का स्तंभ’

मंदिर में किसी भी प्रकार के लोहे और स्टील का नहीं बल्कि पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। मंदिर में गोलाकार, षटकोणीय जैसे विभिन्न प्रकार के खंभे देखे जा सकते हैं। यहां एक विशेष स्तंभ है, जिसे ‘स्तंभों का स्तंभ’ कहा जाता है, इसमें लगभग 1400 नक़्क़ाशीदार छोटे स्तंभ बनाए हुए हैं। एक गुंबद में पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, पौधे आदि तत्वों की नक्काशी के माध्यम से मानव सह-अस्तित्व और सद्भाव को दर्शाया गया है। मंदिर भारत के उत्तर, पूर्व, पश्चिम और दक्षिण भाग के देवता हिंदू आध्यात्मिकता का प्रतिनिधित्व करते हैं।

इस प्रकार सभी 7 तीर्थस्थलों में विभिन्न देवता होंगे – भगवान राम, सीताजी, लक्ष्मणजी और हनुमानजी भगवान शिव, पार्वतीजी, गणपतिजी, कार्तिकेयजी भगवान जगन्नाथ भगवान राधा-कृष्ण श्री अक्षर-पुरुषोत्तम महाराज (भगवान स्वामीनारायण और गुणातीतानंद स्वामी) भगवान तिरूपति बालाजी और पद्मावतीजी भगवान अयप्पाजी।

वाराणसी जैसा घाट बनाया गया

भगवान शिव को समर्पित इस मंदिर में शिवपुराण और 12 ज्योतिर्लिंग उत्कीर्ण हैं। भगवान जगन्नाथ के मंदिर में, जगन्नाथ यात्रा/रथयात्रा अंकित है। भगवान कृष्ण को समर्पित इस मंदिर में भागवत और महाभारत की नक्काशी की गई है। इसी तरह, भगवान स्वामीनारायण, भगवान अयप्पा को समर्पित मंदिर में उनके जीवन, कार्य और शिक्षाओं को अंकित किया गया है। भगवान राम के मंदिर में रामायण की नक्काशी की गई है।

मंदिर के आसपास की इमारतें आधुनिक और न्यूनतर हैं। मंदिर के चारों ओर पवित्र नदी की धाराएँ निर्मित होती हैं; गंगा नदी मंदिर के दाहिनी ओर जा रही है; यमुना नदी मंदिर के बायीं ओर जा रही है । इन पवित्र नदियों का जल यहाँ लाया गया है। जहां गंगा नदी गुजरती है वहां वाराणसी जैसा घाट बनाया गया है।

अलग-अलग समुदायों का हुआ संगम

मंदिर के प्रवेश द्वार पर 8 मूर्तियां बनाई गईं जो 8 मूल्यों का प्रतीक हैं, यानी विश्वास की मूर्ति, दान की मूर्ति, प्रेम की मूर्ति। ये 8 मूर्तियाँ आठ मूल्य हैं, जिन पर हमारा सनातन धर्म आधारित है। ऐतिहासिक शख्सियतों, संतों और आचार्यों की मूर्तियां हैं, जिन्होंने इन मूल्यों को बनाए रखा है । भारतीय सभ्यता के अलावा अन्य देशों की प्राचीन सभ्यताओं का भी समावेश किया गया हैं- माया, एज्टेक, इजिप्शियन, अरबी, यूरोपीय, चीनी और अफ़्रीकी सभ्यता शामिल है। सभा हॉल की 3000 लोगों की क्षमता हैं।

इसके अलावा सामुदायिक केंद्र, प्रदर्शनियाँ, अध्ययन और मजलिस कक्ष है। मंदिर की विशेषता है कि एक मुस्लिम राजा ने एक हिंदू मंदिर के लिए भूमि दान की है। यहां मुख्य वास्तुकार कैथोलिक ईसाई है। परियोजना प्रबंधक एक सिख थे। संस्थापक डिजाइनर एक बौद्ध हैं। निर्माण कंपनी एक पारसी समूह की है और निर्देशक जैन परंपरा से आते हैं।

अन्य ख़बरों के लिए क्लिक करें – www.raftaar.in

Advertisementspot_img

Also Read:

आज जिंदा हूं तो PM मोदी और अमित शाह की वजह से…’ चार साल बाद छलका नुपुर शर्मा का दर्द

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। नुपुर शर्मा ने दिल्ली में आयोजित महिला सम्मेलन में अपने जीवन के पिछले कुछ वर्षों के मुश्किल दौर के बारे में...
spot_img

Latest Stories

Tarvel Tips: पार्टनर के साथ घूमने के लिए ये हैं बेस्ट जगह, आज ही बनाएं प्लान

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। अगर आप अपने पार्टनर के...

आज जिंदा हूं तो PM मोदी और अमित शाह की वजह से…’ चार साल बाद छलका नुपुर शर्मा का दर्द

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। नुपुर शर्मा ने दिल्ली में आयोजित...

IPL 2026 से पहले शादी के बंधन में बंधे RCB के ये गेंदबाज, रेप का लग चुका है आरोप

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हाल ही में कुलदीप यादव ने...

Oscars 2026 Winners: 98वें ऑस्कर अवॉर्ड्स में किसका चला जादू, देखें पूरी लिस्ट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। मनोरंजन जगत के सबसे प्रतिष्ठित...