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Thursday, March 12, 2026
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दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में 13 भारत के, बर्नीहाट नंबर 1, दिल्ली सबसे प्रदूषित राजधानी 

दुनिया के टॉप 20 सबसे प्रदूषित शहरों में भारत का दिल्‍ली सबसे प्रदूषित राजधानी में शामिल है, दिल्ली में लगातार हाई पॉल्यूटेड लेवल दर्ज किया गया।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। दुनिया के टॉप 20 सबसे प्रदूषित शहरों में भारत के 13 शहर शामिल हुए हैं। जिनमें असम का बर्नीहाट नंबर वन पर है तो वहीं दिल्‍ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी में शामिल है। ऐसे में भारत 2024 में दुनिया का पांचवां सबसे प्रदूषित देश बना गया है, जो कि 2023 में इस सूची में तीसरे स्थान पर था। यह जानकारी मंंगलवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में सामने आई है। 

जानिए रिपोर्ट में कैसी है वायु गुणवत्‍ता 

स्विट्जरलैंड की वायु गुणवत्ता प्रौद्योगिकी कंपनी ‘आईक्यूएयर’ की विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट 2024 जारी की गई है। वहीं साल 2024 में भारत में PM 2.5 सांद्रता में 7 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है, जो 2023 में 54.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की तुलना में औसतन 50.6 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है। इसके बावजूद दुनिया के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में से 6 तो भारत में ही हैं। वहीं दिल्ली में लगातार हाई पॉल्यूटेड लेवल दर्ज किया गया, जिसमें वार्षिक औसत PM 2.5 सांद्रता 91.6 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर थी, जो 2023 में 92.7 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से लगभग अपरिवर्तित थी।

भारत के ये 13 शहर हैं सबसे प्रदूषित 

असम का बर्नीहाट, दिल्ली, पंजाब का मुल्लांपुर, हरियाणा का फरीदाबाद, गुरुग्राम, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद का लोनी, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, मुजफ्फरनगर, राजस्थान में गंगानगर, भिवाड़ी और हनुमानगढ़। 

बर्नीहाट में कारखाने प्रदूषण की मुख्‍य वजह

असम और मेघालय की सीमा पर स्थित शहर बर्नीहाट में प्रदूषण का मुख्‍य कारण कारखानों से निकलने वाला खतरनाक धुंआ है। इन कारखानों में शराब निर्माण, लोहा और इस्पात संयंत्र शामिल हैं। वहीं दिल्ली की बात करें तो यहां साल भर वायु प्रदूषण रहता है। सर्दियों में यह समस्या और भी बदतर हो जाती है। यहां प्रतिकूल मौसम संबंधी परिस्थितियां का वाहनों से निकलने वाला धुंआ, धान पराली जलाना और पटाखे हवा की गुणवत्ता को खतरनाक बना देते हैं।

हर साल लगभग 15 लाख मौतें

भारत में वायु प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए गंभीर बना हुआ है। जिसकी वजह से लोगों की उम्र अनुमानित 5.2 वर्ष कम हो रही है। पिछले साल प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार 2009 से 2019 तक भारत में हर साल लगभग 15 लाख लोगों की मौत हुई है। जिसका संभावित कारण लंबे समय तक पीएम 2.5 प्रदूषण के संपर्क में रहना सामने आया है। 

जानिए क्‍या है पीएम 2.5

2.5 माइक्रोन से छोटे वायु प्रदूषण कण हैं। जो कि फेफड़ों और रक्तवाहिकाओं में प्रवेश कर सकते हैं, जिससे सांस लेने में समस्या, हृदय रोग और यहां तक ​​कि कैंसर भी हो सकता है। ये गाड़ी के धुएं, इंडस्ट्रियल एमिशन और लकड़ी या फसल के कचरे को जलाने से भी हो सकता है। 

पाकिस्‍तान के 4 और चीन का 1 शहर भी शामिल  

जारी रिपोर्ट के अनुसार पड़ोसी देश पाकिस्तान के चार शहर और चीन का एक शहर दुनिया के शीर्ष 20 प्रदूषित शहरों में शामिल हैं।

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