नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । बेंगलुरु पुलिस ने अतुल सुभाष सुसाइड मामले में अलग रह रही पत्नी निकिता सिंघानिया, उनकी मां निशा और भाई अनुराग को आत्महत्या के लिए उकसाने के केस में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पत्नी निकिता को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया। जबकि मां और भाई प्रयागराज से गिरफ्तार किए गए हैं। अतुल ने कुछ दिनों पहले ही निकिता और उनके परिवार पर उत्पीड़न और जबरन वसूली का आरोप लगाया था। जिसके बाद अतुल ने आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने सभी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है ।
अतुल सुभाष सुसाइड मामले में निकिता, उनकी मां और भाई के अलावा उनके चाचा सुशील भी आरोपी हैं, जो अभी फरार हैं। पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार किया गया और देर रात बेंगलुरु लाया गया। उन्हें रविवार को अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों की हिरासत में भेज दिया है।
यह था मामला
बता दें कि बिहार के समस्तीपुर के मूल निवासी 34 वर्षीय अतुल सुभाष सोमवार को अपने बेंगलुरु स्थित फ्लैट में मृत पाए गए। पुलिस को उनके घर से एक विस्तृत नोट मिला, जिसे उन्होंने “न्याय मिलना चाहिए”टाइटल दिया था। सुसाइड नोट और वीडियो में सुभाष ने आरोप लगाया कि उन्होंने 2019 में निकिता से शादी की थी, जब उन्हें एक मैचमेकिंग वेबसाइट पर निकिता मिली थी। अगले साल दंपति को एक बेटा हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि निकिता और उनका परिवार उनसे व्यवसाय स्थापित करने के लिए भारी मात्रा में पैसे मांगता था। जब उन्होंने इनकार कर दिया तो बहस शुरू हो गई और आखिरकार 2021 में वह अपने बेटे के साथ घर छोड़कर चली गईं।
अतुल सुभाष ने अपनी मौत से पहले कहा था कि निकिता और उसके परिवार के सदस्यों ने उन्हें परेशान करने और गुजारा भत्ता और भरण-पोषण के रूप में बड़ी रकम वसूलने के लिए कई मामले दर्ज किए थे। उन्होंने कहा कि निकिता ने मामले को निपटाने के लिए 3 करोड़ रुपये मांगे थे। उन्होंने यह भी कहा कि अदालत ने उन्हें निकिता और उनके बेटे को भरण-पोषण के रूप में हर महीने 80,000 रुपये देने को कहा था, लेकिन वह और अधिक चाहती थी।
अतुल सुभाष ने ये लिखा था सुसाइट नोट
इस तरह के मामलों में महिलाओं का पक्ष लेने वाली न्यायिक व्यवस्था पर निशाना साधते हुए सुभाष ने नोट में लिखा, “जितना अधिक मैं मेहनत करूंगा और अपने काम में बेहतर होता जाऊंगा, उतना ही अधिक मुझे और मेरे परिवार को परेशान किया जाएगा और जबरन वसूली की जाएगी और पूरी कानूनी व्यवस्था मेरे उत्पीड़कों को प्रोत्साहित करेगी और उनकी मदद करेगी… अब, मेरे जाने के बाद, कोई पैसा नहीं होगा और मेरे बूढ़े माता-पिता और मेरे भाई को परेशान करने का कोई कारण नहीं होगा। मैंने भले ही अपना शरीर नष्ट कर दिया हो, लेकिन इसने वह सब कुछ बचा लिया है, जिस पर मैं विश्वास करता हूं।”





