नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के आष्टा में 13 दिसंबर 2024 की सुबह मनोज परमार और उनकी पत्नी नेहा के शव उनके आवास पर फंदे से लटके हुए मिले। मध्य प्रदेश पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, मनोज परमार के परिवार वालों ने आरोप लगाया है कि मनोज परमार और उनकी पत्नी नेहा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई की थी जिसके कारण उन्हें तनाव का सामना करना पड़ रहा था। बता दें कि व्यवसायी मनोज परमार और उनकी पत्नी नेहा राहुल गांधी की न्याय यात्रा के दौरान मीडिया की सुर्खियों में आए थे, क्योंकि उनके बच्चों ने न्याय यात्रा के दौरान राहुल गांधी को गुल्लक भेंट की थी।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक्स पर लिखा
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने 13 दिसंबर 2024 को अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा “आष्टा सिहोर जिला मप्र के मनोज परमार को बिना कारण ED द्वारा परेशान किया जा रहा था। मनोज परमार के बच्चों ने राहुल जी को भारत जोड़ो यात्रा के समय गुल्लक भेंट की थी। मनोज के घर पर ED के Astt Director भोपाल संजीत कुमार साहू द्वारा रेड की गई थी। मनोज अनुसार उस पर रेड इसलिए डाली गई क्योंकि वह @INCIndia का समर्थक है। मैंने मनोज के लिए वकील की व्यवस्था भी कर दी थी। लेकिन बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है मनोज इतना घबराया हुआ था कि आज उसने व उसकी पत्नी ने आज सुबह आत्म हत्या कर ली। मैं इस प्रकरण में Director ED से निष्पक्ष जाँच की मांग करता हूँ।”
ED ने 5 दिसंबर 2024 को मारा था छापा
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, ED ने 5 दिसंबर 2024 को वर्ष 2017 की सीबीआई एफआईआर से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत मनोज परमार के इंदौर और सीहोर की चार संपत्तियों पर छापेमारी की थी। ED ने मनोज परमार के विभिन्न चल और अचल संपत्तियों का ब्यौरा देने वाले दस्तावेज को जब्त कर लिया था। ED ने इसके अलावा मनोज परमार के बैंक खातों में 3.5 लाख रुपये फ्रीज कर दिए थे। रिपोर्ट के अनुसार मनोज परमार को एक राष्ट्रीयकृत बैंक से जुड़े 6 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में भी गिरफ्तार किया गया था।





