नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । कॉमेडियन कुणाल कामरा ने मुंबई में एक शो के दौरान महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर अपनी टिप्पणी के बाद उठे विवाद पर आखिरकार अपनी प्रतिक्रिया दी है। कामरा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक बयान जारी किया। उन्होंने ‘मेरा बयान’ शीर्षक से एक्स पर पोस्ट शेयर किया और कहा कि वह अपनी टिप्पणी के लिए ‘माफी’ नहीं मांगेंगे। कामरा ने कहा कि उनके कॉमेडी कंटेंट के लिए मनोरंजन स्थल यानी हैबिटेट को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।
कामरा ने कहा, “मनोरंजन स्थल केवल एक मंच है। यह सभी तरह के शो के लिए एक जगह है। हैबिटेट (या कोई अन्य स्थल) मेरी कॉमेडी के लिए जिम्मेदार नहीं है। न ही उसके पास इस बात पर कोई शक्ति या नियंत्रण है कि मैं क्या कहता या करता हूं। न ही कोई राजनीतिक दल ऐसा करता है। किसी कॉमेडियन के शब्दों के लिए किसी स्थल पर हमला करना उतना ही मूर्खतापूर्ण है, जितना कि टमाटर ले जा रही एक ट्रक को पलट देना, क्योंकि आपको परोसा गया बटर चिकन पसंद नहीं आया।”
राजनीतिक नेताओं के ‘धमकी भरे’ संदेश
कामरा ने राजनीतिक नेताओं द्वारा उन्हें सबक सिखाने की ‘धमकी’ देने का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ‘एक शक्तिशाली सार्वजनिक व्यक्ति की कीमत पर मजाक न कर पाने की अक्षमता’ उनके अधिकार की प्रकृति को नहीं बदलती। उन्होंने आगे कहा कि जहां तकउन्हें पता है, नेताओं का मजाक उड़ाना कानून के खिलाफ नहीं है।
क्या दिया था बयान?
कामरा ने अपने बयान में कहा था “भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के हमारे अधिकार का इस्तेमाल केवल शक्तिशाली और अमीर लोगों की चापलूसी करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए, भले ही आज का मीडिया हमें कुछ और ही विश्वास दिलाए। एक शक्तिशाली सार्वजनिक व्यक्ति की कीमत पर मजाक न कर पाने की आपकी अक्षमता मेरे अधिकार की प्रकृति को नहीं बदलती। जहाँ तक मुझे पता है, हमारे नेताओं और हमारी राजनीतिक व्यवस्था का मज़ाक उड़ाना कानून के खिलाफ़ नहीं है।”
कामरा ने सहयोग करने पर सहमति जताई
अपने खिलाफ़ दर्ज की गई कानूनी परेशानी और एफआईआर पर टिप्पणी करते हुए कामरा ने कहा कि वह अपने खिलाफ़ की गई किसी भी वैध कार्रवाई के लिए पुलिस और अदालतों के साथ सहयोग करेंगे। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया है कि क्या उन लोगों पर निष्पक्ष और समान कानून लागू होगा जिन्होंने तोड़फोड़ की।
कामरा ने माफी मांगने से किया इनकार
कामरा ने अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगने से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि उन्हें भीड़ से डर नहीं लगता और वे अपने बिस्तर के नीचे नहीं छिपेंगे। उन्होंने आगे उल्लेख किया कि उन्होंने जो कहा, वह बिल्कुल वही है जो अजीत पवार ने एकनाथ शिंदे के बारे में कहा था।
https://www.whatsapp.com/channel/0029VaffUM7I7Be7ERRVfL2L




