नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । विवादित पादरी बजिंदर सिंह को यौन उत्पीड़न मामले में दोषी पाया गया है। पंजाब के मोहाली के पॉक्सो कोर्ट ने पादरी को दोषी ठहराया है। अदालत 1 अप्रैल को मामले में पादरी को सजा सुनाएगी। जबकि सबूतों के अभाव में पांच अन्य को इस मामले में बरी कर दिया गया है। 2018 में जीरकपुर की एक महिला ने बजिंदर सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। पादरी बजिंदर को दिल्ली हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया, जब वह लंदन भागने की कोशिश कर रहे थे।
दरअसल, पीड़िता ने बजिंदर पर चंडीगढ़ के सेक्टर 63 में अपने आवास पर उसका यौन उत्पीड़न करने और इस कृत्य को रिकॉर्ड करने का आरोप लगाया है। उसने दावा किया कि बाद में उसने धमकी दी कि अगर उसने घटना की रिपोर्ट की या उसकी मांगों का पालन करने से इनकार कर दिया तो वह वीडियो सोशल मीडिया पर जारी कर देगा। बजिंदर को दिल्ली हवाई अड्डे पर लंदन जाने वाली फ्लाइट में सवार होने के दौरान गिरफ्तार किया गया, जहां वह एक उपचार कार्यक्रम में भाग लेने वाला था।
जीरकपुर पुलिस ने पीड़ित महिला की शिकायत पर चमत्कार के जरिए बीमारियों को ठीक करने का दावा करने वाले जालंधर के पादरी बजिंदर सिंह सहित 7 लोगों पर प्रकरण दर्ज किया था। जिसमें पादरी के अलावा अकबर भट्टी, राजेश चौधरी, सुच्चा सिंह, जतिंदर कुमार, सितार अली और संदीप उर्फ पहलवान को आरोपी बनाया गया था। पंजाब की कपूरथला पुलिस ने इस मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई थी। इस महीने की शुरुआत में पुलिस ने महिला के यौन उत्पीड़न, पीछा करने और आपराधिक धमकी देने के आरोप में बजिंदर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
बजिंदर सिंह के खिलाफ मारपीट और उत्पीड़न के मामले दर्ज
पादरी बजिंदर सिंह पिछले कुछ हफ़्तों से विवादों में हैं क्योंकि उनके ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न और कथित मारपीट के अन्य मामले दर्ज किए गए हैं। सिर्फ़ तीन दिन पहले ही उनके ख़िलाफ़ एक वायरल वीडियो के लिए मामला दर्ज किया गया था जिसमें वे एक पुरुष और एक महिला की पिटाई करते हुए दिखाई दे रहे थे। हाल ही में वायरल हुए वीडियो में बजिंदर सिंह अपने दफ़्तर में दो लोगों पर फ़ोन और किताब फेंकते हुए दिखाई दे रहे थे।
‘चर्च में काम करने वाली महिलाओं से दुर्व्यवहार करता था बजिंदर सिंह’
महिला ने कहा कि उसने कई सालों तक बजिंदर सिंह के चर्च में काम किया, लेकिन घटना के बाद उसने इस्तीफ़ा दे दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चर्च में काम करने वाली युवतियों और लड़कियों का पीछा किया जा रहा था और उन्हें परेशान किया जा रहा था और बजिंदर सिंह ने उन महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया जिन्होंने इस बारे में चिंता जताई थी।





