नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। श्रीलंका के नए राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने कहा है कि वो भारत और चीन के बीच दबना नहीं चाहते हैं। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि “हम भारत और चीन के बीच सैंडविच नहीं बनना चाहते हैं। NPP सरकार के तहत दोनों देश मूल्यवान मित्र हैं। हम उम्मीद करते हैं कि वे करीबी भागीदार बनें। हम यूरोपीय संघ, मध्य पूर्व और अफ्रीका के साथ भी संबंध बनाए रखना चाहते हैं।”
एनपीपी के नेता ने दो उम्मीदवारों को हराकर जीता चुनाव
मार्क्सवादी जनता विमुक्ति पेरामुना पार्टी के वाइडर फ्रंट नेशनल पीपुल्स पावर (एनपीपी) के नेता डिसनायके ने श्रीलंका के संसदीय चुनावों में सामगी जना बालवेगया (एसजेबी) के अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी साजिथ प्रेमदासा को हराया है।
नव निर्वाचित राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट कर दिया कि वह दक्षिण एशिया या हिंद महासागर क्षेत्र में चल रही उथलपुथल से दूर रहना चाहते हैं।
देश को आर्थिक संकट से बचाना उनकी प्राथमिकता है
देश में आर्थिक संकट आने के बाद 2022 में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बाद गोटबाया राजपक्षे को सत्ता से बेदखल करने के बाद यह पहला चुनाव था। दिसानायके को 5.74 मिलियन वोट लेकर चुनाव जीता। साजिथ प्रेमदासा को 4.53 मिलियन वोट मिले। दिसानायके ने कहा कि इनकी सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है कि अपने देश को आर्थिक संकट से बचाया जा सके।
कौन है अनुरा कुमार दिसानायके
अनुरा एक लेफ्टिस्ट नेता है। उनका जन्म श्रीलंका के थम्बुथेगामा में हुआ है। अनुरा के पिता मजदूर और मां हाउसवाइफ थी। घर की कठिन परिस्तिथियों में भी दिसानायके ने विश्वविद्यालय की शिक्षा प्राप्त की। दियानायके ने स्कूली शिक्षा के दौरान ही मार्क्सवादी जनता विमुक्ति पेरमुना (JVP) में शामिल हो गए थे।
साल 2004 में अनुरा पहली बार कैबिनेट मंत्री बने। मगर 1 साल बाद ही दिसानायके ने सरकार और लिट्टे के बीच एक समझौते के विरोध में इस्तीफा दे दिया। 2014 में वे JVP के नेता बनने के बाद 2019 में पहली बार राष्ट्रपति चुनाव लड़े मगर उस समय वो 3 प्रतिशत वोट हासिल कर पाए। इस बार दिसानायके 53 प्रतिशत से ज्यादा वोट पाकर राष्ट्रपति का चुनाव जीत गए।




