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Monday, March 30, 2026
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एफसीआई ने दूसरी ई-नीलामी में 3.85 एलएमटी गेहूं 901 करोड़ रुपये में बेचा

गुरुवार को जारी एक बयान में कहा कि एफसीआई ने 15 फरवरी को आयोजित दूसरी ई-नीलामी में 3.85 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) गेहूं की बिक्री 901 करोड़ रुपये में की है।

नई दिल्ली, एजेंसी। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने 15 फरवरी को गेहूं की दूसरी ई-नीलामी में 3.85 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) गेहूं 901 करोड़ रुपये में बेचा है। एफसीआई ने 15.25 एलएमटी गेहूं का भंडार नीलामी के लिए रखा था, जिसमें 1060 से ज्यादा बोलीकर्ताओं ने हिस्सा लिया। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने यह जानकारी दी है।

ई-नीलामी में 3.85 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) गेहूं की बिक्री 901 करोड़ रुपये में

मंत्रालय ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा कि एफसीआई ने 15 फरवरी को आयोजित दूसरी ई-नीलामी में 3.85 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) गेहूं की बिक्री 901 करोड़ रुपये में की है। एफसीआई ने 15.25 एलएमटी गेहूं का भंडारण नीलामी के लिए रखा, जिसमें 1060 से अधिक बोलीकर्ताओं ने हिस्सा लिया। दरअसल केंद्र सरकार ने गेहूं और आटे की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण पाने के लिए गेहूं की ई-नीलामी एक फरवरी से शुरू की है, जो मार्च के दूसरे हफ्ते तक प्रत्येक बुधवार को की जाएगी। गेहूं और आटे की बढ़ती कीमतों पर काबू पाने के लिए मंत्री समूह की सिफारिशों के मुताबिक एफसीआई ई-नीलामी के जरिए गेहूं की बिक्री की जा रही है।

गेहूं को 23.50 रुपये प्रति किलोग्राम और आटा 29.50 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक

सरकार ने ओएमएसएस (डी) योजना के तहत बाजार में बिक्री के लिए 30 एलएमटी गेहूं रखा था, जिसमें से 25 एलएमटी से ज्यादा गेहूं उठा लिया गया है। वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों, सहकारिताओं तथा केंद्रीय भंडार, एनसीसीएफ और नाफेड जैसे संघों के लिए बिना ई-नीलामी 03 एलएमटी गेहूं का आवंटन किया गया है। पहले रियायतों दरों पर खरीदे गए गेहूं को 23.50 रुपये प्रति किलोग्राम और आटा 29.50 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक पर बेचने की अनुमति नहीं दी गई थी, जिसको केंद्र सरकार ने संशोधित कर गेहूं 21.50 रुपये प्रति किलोग्राम और आटा 27.50 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक नहीं कर दिया है।

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