नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। जम्मू कश्मीर विधानसभा की कार्यवाही के दौरान आज लगातार तीसरे दिन भी वक्फ बिल को लेकर खूब हंगामा हुआ। हंगामा इतना बढ़ा कि स्पीकर को विधानसभा स्थगित करना पड़ा। बुधवार को हुई सदन की कार्यवाही के दौरान नेशनल कांफ्रेंस के विधायक कागज लेकर वेल तक पहुंच गए तो विपक्ष के विधायक भी सदन में नारेबाजी करने लगे और स्थिति मारपीट तक पहुंच गई, इस बीच जोरदार हंगामा भी हुआ।
संदन की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई
आज बुधवार को जम्मू कश्मीर विधानसभा में जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो एनसी के विधायक मुबारक गुल ने वक्फ कानून पर बहस की मांग की, जबकि बीजेपी विधायक बेरोजगारी पर बहस की मांग कर रहे थे। इसके बाद नेशनल कांफ्रेंस के विधायक We want discussion on Waqf Act के नारे लगाने लगे और संदन की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई।
मेहराज मलिक और बीजेपी के विधायक आपस में भिड़ गए। विधानसभा में हंगामे के बीच नेशनल काॅन्फ्रेंस के कई विधायक बेंच पर खड़े हो गए, कुछ विधायकों ने कागज फाड़कर कुर्सी की ओर फेंके। इसके बाद सदन में नारेबाजी की और बिल पर बहस की मांग करने लगे। पीपुल्स काॅन्फ्रेंस के अध्यक्ष और विधायक सज्जाद गनी लोन ने कहा कि नेशनल काॅन्फ्रेंस सत्ता या विपक्ष की भूमिका नहीं निभा सकता। अगर नेशनल काॅन्फ्रेंस के अध्यक्ष इस बिल पर बहस करना चाहते हैं और विधानसभा अध्यक्ष सहमत नहीं हैं तो उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहिए। वहीं सदन के बाहर आप विधायक मेहराज मलिक और बीजेपी के विधायक आपस में भिड़ गए। इस दौरान कुछ विधायकों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
एक दिन पहले भी हंगामा
इससे पहले मंगलवार को भी जब विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो एनसी और पीडीपी के विधायकों ने वक्फ बिल पर चर्चा को लेकर हंगामा करना शुरू कर दिया। वहीं इस मुद्दे पर पूर्व सीएम महबूबा मुफती ने पार्टी के विधायक का प्रस्ताव एक्स पर शेयर किया। उन्होंने कहा कि वक्फ का मुद्दा आस्था से परे है। ये भारत के 24 करोड़ मुस्लिमों पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि पीडीपी ने इस महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाते हुए नया प्रस्ताव पेश किया है।





