नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । झारखंड विधानसभा में मानसून पूरक सत्र के दौरान सदन में जोरदार हंगामा रहा। सरकार और विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर आमने-सामने दिखें और जमकर बहस देखने को मिली। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने दो दिन पहले सदन में पारित विश्वविद्यालय बिल का मुद्दा उठाया। और कहा, सरकार बहुमत के नशे में चूर होकर राज्यपाल का पावर सीज कर रही है।
झारखंड विधानसभा में विश्वविद्यालय विधेयक को लेकर
भाजपा ने जोरदार विरोध किया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य वेल में आकर नारेबाजी करने लगे, जिससे हंगामा मच गया। लगातार आग्रह के बावजूद प्रश्नकाल नहीं चल सका और अंततः स्पीकर ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।
दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग
झारखंण्ड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग सड़क से लेकर विधानसभा तक गूंजी। राज्य में पूर्व सीएम और आदिवासी नेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग जोर पकड़ रही है।
झारखंण्ड के निर्माता है शिबू सोरेन
इस बीच, झारखंण्ड विधानसभा से हेमंत सरकार ने और मुख्यमंत्री के पिता दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत रत्न प्रदान करने के लिए भारत सरकार से अनुरोध करने का प्रस्ताव सदन से स्वीकृत हुआ। मंत्री दीपक बिरुआ ने यह प्रस्ताव सदन के पटल पर रखा और कहा कि दिशोम गुरु ने अलग राज्य के निर्माण में जीवन समर्पित किया। आदिवासियों, गरीबों की लड़ाई लड़ी, इसलिए उन्हें भारत रत्न दिया जाय।
इन नेताओं को भी भारत रत्न की सूची में रखने की मांग
झारखंड विश्वविद्यालय विधेयक पर सदन में चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि उनकी पार्टी इस प्रस्ताव का पूर्ण समर्थन करती है। साथ ही उन्होंने झारखंड आंदोलन के प्रणेता मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा और विनोद बिहारी महतो के नाम भारत रत्न की सूची में शामिल किए जाने की मांग भी उठाई।
”एक भी आदिवासी नेता को भारत रत्न नहीं मिला”
संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि भारत की आजादी में भी आदिवासियों ने महती भूमिका निभाई थी लेकिन आज तक एक भी आदिवासी को भारत रत्न नहीं मिला है। इसलिए दिशोम गुरु को भारत रत्न मिले। पक्ष-विपक्ष की सहमति के बाद दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत रत्न देने सबंधित प्रस्ताव सदन से स्वीकृत हुआ।





